सबरीमाला में महाघोटाला: मंदिर के 'प्रभामंडलम' से गायब हुआ सोना, जांच के लिए बुलाए गए ISRO के वैज्ञानिक

केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। केरल हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी (SIT) ने जांच में पाया है कि मंदिर के पवित्र 'प्रभामंडलम' से सोना गायब है।

सबरीमाला में महाघोटाला: मंदिर के 'प्रभामंडलम' से गायब हुआ सो
सबरीमाला मंदिर से गायब हुआ सोना, जांच के लिए बुलाए गए ISRO के वैज्ञानिक- फोटो : NEWS 4 NATION AI

प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी का मामला अब एक गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के 'प्रभामंडलम' (भगवान की प्रतिमा के पीछे का प्रभामंडल) से बड़ी मात्रा में सोना गायब पाया गया है। इस खुलासे के बाद श्रद्धालुओं की आस्था को गहरा धक्का लगा है और मंदिर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।


चेन्नई से बेल्लारी तक फैले तार: ज्वेलर के पास मिला सुराग

जांच दल ने पाया कि चोरी की गई इस बहुमूल्य धातु को बहुत ही शातिर तरीके से ठिकाने लगाया गया था। खबरों के अनुसार, मंदिर से गायब किए गए सोने को कथित तौर पर पहले चेन्नई ले जाया गया, जहाँ उसे अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया। इसके बाद, इस सोने को कर्नाटक के बेल्लारी में एक ज्वेलर के पास सुरक्षित रखा गया है। एसआईटी अब उस ज्वेलर और इस पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है ताकि मुख्य दोषियों तक पहुँचा जा सके।

तकनीकी जांच के लिए ISRO के वैज्ञानिकों की ली जा रही मदद

इस मामले की संवेदनशीलता और तकनीकी पेचीदगियों को देखते हुए, जांच में अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों को भी शामिल किया गया है। चूंकि प्रभामंडलम और अन्य आभूषणों की शुद्धता और उनके मूल ढांचे के साथ हुई छेड़छाड़ को समझना सामान्य जांच से संभव नहीं था, इसलिए इसरो के वैज्ञानिकों की तकनीकी विशेषज्ञता ली जा रही है। वैज्ञानिक अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सोने की कितनी मात्रा बदली गई है और यह चोरी किस स्तर पर की गई।

केरल हाईकोर्ट की निगरानी में सख्त कार्रवाई की तैयारी

सबरीमाला मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए केरल हाईकोर्ट इस पूरे मामले की स्वयं निगरानी कर रहा है। अदालत ने एसआईटी को निर्देश दिया है कि मंदिर की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। जांच के दायरे में मंदिर के कुछ पूर्व अधिकारी और कर्मचारी भी आ सकते हैं। आने वाले दिनों में इसरो की रिपोर्ट और एसआईटी की अंतिम चार्जशीट इस मामले में कई बड़े सफेदपोश चेहरों को बेनकाब कर सकती है।