Waqf Amendment Bill - राम मंदिर ट्रस्ट में क्यों नहीं दिया महिलाओं- ओबीसी को आरक्षण, वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में संसद में भड़के सुधाकर सिंह

Waqf Amendment Bill - वक्फ संशोधन बिल पर संसद में हुए चर्चा के दौरान सांसद सुधाकर सिंह ने बिल में महिलाओं की भागीदारी को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट का जिक्र किया। उन्होंने सरकार से पूछा कि राम मंदिर ट्रस्ट में महिलाओं को क्यों शामिल किया गया।

वक्फ संशोधन बिल, Wakf Amendment Bill, sudhakar singh, ram ma
वक्फ संशोधन बिल पर बोलते सुधाकर सिंह- फोटो : धीरज सिंह

New delhi - वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बुधवार को मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। लोकसभा में बोलते हुए बिहार के बक्सर संसदीय क्षेत्र से सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में, जब से भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में आई है, तब से अल्पसंख्यक संस्थानों पर लगातार हमले हो रहे हैं। इंडिया गठबंधन की पार्टियों ने बार-बार कहा है कि भाजपा सरकार के शासन में संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है।

 आज इनकी नजर अल्पसंख्यक समुदाय की भूमि पर है और कल ये अन्य धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों पर भी कब्ज़ा करने की साजिश रच सकते हैं। उदाहरण के लिए, बोधगया के बौद्ध मंदिर ट्रस्ट में बहुसंख्यक लोग अन्य धर्मों से जुड़े हुए हैं, और अब इसी तरह का मॉडल वक्फ संपत्तियों पर भी लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि यही प्रक्रिया जारी रही, तो भविष्य में मंदिरों की भूमि और उनके धन को भी अधिग्रहित करने का प्रयास किया जाएगा।

NIHER

भाजपा सांसद  रविशंकर प्रसाद ने सदन में यह तर्क दिया कि इस विधेयक के माध्यम से वक्फ समितियों में महिलाओं और पिछड़े वर्गों को आरक्षण दिया जाएगा। लेकिन मेरा प्रश्न यह है कि जब राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया गया, तब महिलाओं और पिछड़े वर्गों को उसमें आरक्षण क्यों नहीं दिया गया?

Nsmch

 देश में 6.5 लाख गाँव हैं, जहाँ हर गाँव में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग रहते हैं। उन्होंने मदरसों, कब्रिस्तानों और अन्य धार्मिक-सामाजिक कार्यों के लिए अपनी भूमि दी है। क्या अब इन कब्रिस्तानों को आमदनी का जरिया बना दिया जाएगा? क्या मदरसे और अनाथालय व्यापारिक संस्थान बन जाएँगे? यह संविधान और कानून के साथ एक क्रूर मजाक है।