राम मंदिर दान चोरी मामला: BJP के खिलाफ उद्धव ठाकरे ने किया 'राम रक्षा आंदोलन' का ऐलान, हर जिले में आयोजन

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला 7 जून को सामने आया था। अब इसके खिलाफ भाजपा को घेरने के लिए उद्धव ठाकरे बड़ा आन्दोलन करेंगे

Ram Raksha Andolan
Ram Raksha Andolan - फोटो : news4nation

 अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की कथित हेराफेरी के मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पार्टी के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को निर्देश दिया है कि 'राम रक्षा आंदोलन' को केवल मुंबई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे महाराष्ट्र के सभी जिलों और प्रमुख शहरों तक पहुंचाया जाए।


इसी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित अपने आवास 'मातोश्री' में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में आंदोलन के विस्तार और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक में ठाकरे ने नेताओं से कहा कि आंदोलन को नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, रत्नागिरी समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में चलाया जाए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नागपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन में उद्धव ठाकरे या उनके बेटे और विधायक आदित्य ठाकरे भी शामिल हो सकते हैं। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मुख्यालय होने के कारण इस प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।


बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी पार्टी नेताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पार्टी विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों की भी समीक्षा की।


क्या है राम मंदिर दान चोरी का मामला?

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई दान राशि की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला 7 जून को सामने आया था। आरोप है कि चढ़ावे की गिनती और जमा करने की प्रक्रिया में कुछ लोगों ने धन का गबन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई। अब तक दान राशि की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हेराफेरी कितनी राशि की हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।