कांवड़ यात्रा बड़ा फैसला, इस जिले में मांस की दुकानें और रेस्टोरेंट बंद, शराब की दुकानों को पर्दे से ढका
श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार से मांस की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी।
Kanwar Yatra :कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और कड़ा कर दिया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी मांस की दुकानें, मीट बेचने वाले प्रतिष्ठान और मांसाहारी भोजन परोसने वाले रेस्टोरेंट 12 अगस्त तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सहायक आयुक्त अर्चना धीरन ने बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार से मांस की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
वहीं जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर स्थित शराब और वाइन की दुकानों को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। हालांकि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन दुकानों को पर्दों से ढकने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग से बाहर स्थित शराब की दुकानें सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी।
श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ियों का मुजफ्फरनगर पहुंचना भी शुरू हो गया है। श्रद्धालु शहर के प्रसिद्ध शिव चौक स्थित शिव मंदिर में दर्शन और परिक्रमा कर रहे हैं। यात्रा को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। कांवड़ मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमें भी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रही हैं।
प्रशासन ने कांवड़ियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी, बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। हर साल लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों के शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर संपन्न होगी।