Bihar News : भरत तिवारी कथित एनकाउंटर केस में नया मोड़, हटाए गए तत्कालीन SDO संजीत कुमार को फिर मिली पोस्टिंग, परिवार बोला- न्याय की लड़ाई को आघात

Bharat Tiwari Encounter Case: तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पदाधिकारी संजीत कुमार को नई पोस्टिंग मिलने के बाद एक बार फिर भरत तिवारी के परिवार का दर्द सामने आया है।

Bihar News : भरत तिवारी कथित एनकाउंटर केस में नया मोड़, हटाए
भरत तिवारी के परिवार का दर्द- फोटो : ASHISH

Bharat Tiwari Encounter Case: आरा के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला अभी न्यायिक जांच के अधीन है। इसी बीच तत्कालीन जगदीशपुर अनुमंडल पदाधिकारी  संजीत कुमार को नई पोस्टिंग मिलने के बाद एक बार फिर भरत तिवारी के परिवार का दर्द सामने आया है। राज्य सरकार की ओर से बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले के बाद संजीत कुमार को सुपौल में भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के पद पर तैनात किया गया है।जानकारी के मुताबिक, भरत तिवारी की मौत के बाद 24 जुलाई को राज्य सरकार ने संजीत कुमार को जगदीशपुर के SDO पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में वापस बुला लिया था। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भरत तिवारी की मां आशा देवी की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद हुई थी। इसके बाद संजीत कुमार मुख्यालय में नई पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे थे।

अब नई पोस्टिंग का आदेश सामने आने के बाद मृतक के परिजनों ने सवाल उठाए हैं। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि उनके बेटे की मौत में जिन अधिकारियों की भूमिका को लेकर परिवार लगातार सवाल उठा रहा है, उनमें से एक अधिकारी को फिर से पोस्टिंग दे दी गई है। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि परिवार लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहा है और ऐसे समय में नई पोस्टिंग से उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।

बताया जाता है कि 17 जून को बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी। घटना के बाद तत्कालीन SDO संजीत कुमार के साथ उनके विवाद की बात भी सामने आई थी। परिवार का आरोप है कि भरत तिवारी बाढ़ पीड़ित लोगों के पुनर्वास और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को लगातार उठा रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठाए थे।परिजनों का दावा है कि भरत के पास कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार से जुड़े कुछ साक्ष्य भी थे और वह लगातार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और घटना में किसी अधिकारी की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा। भरत तिवारी की मौत के बाद परिवार लगातार इस मामले में शामिल बताए जा रहे पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहा है। घटना के बाद शाहपुर के तत्कालीन थानेदार, एसडीपीओ और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई है।

संजीत कुमार की नई पोस्टिंग पर भरत तिवारी की भाभी ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संजीत कुमार को जगदीशपुर से हटाए जाने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि जांच पूरी होने तक मामले में निष्पक्षता बरती जाएगी। लेकिन अब उन्हें सुपौल में नई जिम्मेदारी दिए जाने से परिवार को काफी आघात और निराशा हुई है।

परिवार का कहना है कि एक तरफ भरत तिवारी की मौत की जांच प्रक्रिया चल रही है और दूसरी तरफ उससे जुड़े विवाद में तत्कालीन अधिकारी को नई पोस्टिंग दे दी गई। इससे उनके मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं।फिलहाल भरत तिवारी की मौत का मामला जांच के दायरे में है। ऐसे में कथित एनकाउंटर की वास्तविक परिस्थितियां, पुलिस कार्रवाई की वैधता और अधिकारियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिवार अब भी न्याय की मांग पर कायम है।

रिपोर्ट- आशीष कुमार