भोजपुर में बालू माफिया पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन,75 लाख का जुर्माना,11 वाहन सीज,मचा हाहाकार
भोजपुर में अवैध बालू सिंडिकेट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन। 3 दिनों की छापेमारी में कोइलवर, संदेश और बबुरा से 11 वाहन सीज, बालू घाटों पर ₹75 लाख का जुर्माना। माइनिंग अधिकारी कुमार गौरव की माफिया को सीधी चेतावनी।
भोजपुर जिले में बालू माफिया के गुंडाराज और अवैध सिंडिकेट पर जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख और सीधे निर्देश के बाद, प्रशासन ने "ज़ीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों से जारी इस विशेष अभियान ने अवैध बालू के धंधेबाजों की चूलें हिलाकर रख दी हैं। प्रशासन की इस आक्रामक कार्रवाई से भोजपुर में यह साफ संदेश चला गया है कि अब यहां सिर्फ और सिर्फ कानून का राज चलेगा, किसी सिंडिकेट की मनमानी नहीं।
तीन दिनों की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 75 लाख का चूना और 11 वाहन जब्त
प्रशासन के इस चौतरफा हंटर से बालू माफिया का पूरी तरह दिवाला निकल चुका है। पिछले तीन दिनों के भीतर बबुरा, संदेश और कोइलवर थाना क्षेत्रों में सघन नाकेबंदी कर अवैध और ओवरलोडेड 11 वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अलावा, नियमों को ताक पर रखकर खनन करने वाले बालूघाटों पर प्रशासन ने चौतरफा आर्थिक चोट की है। दो बालूघाटों पर जहां तत्काल 25 लाख रुपये का तगड़ा जुर्माना लगाया गया, वहीं पिछले हफ्ते ओवरलोडिंग को बढ़ावा देने के आरोप में तीन अन्य घाटों पर 35 लाख रुपये का दंड ठोंका गया। कुल मिलाकर माफिया को ₹75 लाख की भारी चपत लगी है।
16 जून की बंदी से पहले स्टॉक की फिराक में थे माफिया, सकड्डी के पास नाकेबंदी टाइट
दरअसल, आगामी 16 जून से बालू खनन पर सीजनल रोक (एनजीटी प्रतिबंध) लगने वाली है। प्रशासन भली-भांति जानता है कि इस बंदी से पहले माफिया अवैध रूप से बालू का स्टॉक करने की फिराक में हैं। इसी को भांपते हुए सकड्डी (Sakaddi) और उसके आसपास के इलाकों में ऐसी अभेद्य नाकेबंदी की गई है कि BR28GB4584, BR28GB5671 और BR28GB4282 जैसे कई ओवरलोडेड ट्रक और पीले बालू लदे ट्रैक्टर सीधे थाने पहुंच रहे हैं। जप्त वाहनों की लंबी कतारें यह गवाही दे रही हैं कि इस बार प्रशासन बेहद मुस्तैद है।
माइनिंग अधिकारी का सीधा अल्टीमेटम: या तो धंधा छोड़ो, या जेल जाने को तैयार रहो
इस ऐतिहासिक कार्रवाई के बाद भोजपुर के जिला खनन पदाधिकारी (MDO) कुमार गौरव ने बालू सिंडिकेट को बेहद कड़ा और सीधा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट लफ्ज़ों में चेतावनी देते हुए कहा है कि अब भोजपुर में माफिया के पास केवल दो ही रास्ते बचे हैं—या तो वे इस अवैध धंधे को पूरी तरह छोड़ दें, या फिर भोजपुर की जेल में अपना अगला सीजन काटने के लिए तैयार रहें। प्रशासन की इस सख्ती से जहां आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं पूरे जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह हंटर आगे भी रुकने वाला नहीं है।
भोजपुर | धीरज पराशर, विशेष संवाददाता की रिपोर्ट