Bihar Toll Plaza: कैशलेस नियमों की उड़ी धज्जियां, कुल्हड़िया टोल पर ट्रकों से धड़ल्ले से वसूला जा रहा नगद!

Bihar Toll Plaza:कैशलेस पेमेंट के आदेश के बावजूद पटना-बक्सर फोरलेन एनएच 922 के कुल्हड़िया टोलप्लाज़ा पर नगद लेकर वाहनों को छोड़ा जा रहा है.

Bihar Toll Plaza: कैशलेस नियमों की उड़ी धज्जियां, कुल्हड़िया
टोल प्लाजा पर गुंडई - फोटो : ASHISH

ARA : देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों(एनएच) पर विगत 10 अप्रैल से कैशलेस पेमेंट के आदेश के बावजूद पटना-बक्सर फोरलेन एनएच 922 के कुल्हड़िया टोलप्लाज़ा पर नगद लेकर वाहनों को छोड़ा जा रहा है.इस कारनामे से एक ओर जहां एनएचएआई और सरकार के राजस्व को नुकसान हो रहा है वहीं टोल एजेंसी मालामाल हो रही है..मंगलवार  की दोपहर बालू लदे ट्रकों से नगद पैसे लेकर टोलप्लाज़ा से छोड़ते टोलकर्मियों का फोटो और वीडियो कैमरे में कैद हो गया.

विडियो में स्पष्ट तौर पर देखा जा रहा है कि टोलप्लाज़ा के पटना जाने वाले लेन के टोलगेट संख्या 03 और 04 पर टोलकर्मी सकडडी मोड़ की तरफ से आकर टोल से गुजरने वाले बालू लदे ट्रको से नगद पैसे ले रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ने का इशारा कर रहे हैं.लेकिन जैसे ही उन्हें लगा कि उनकी ये कारगुजारी कैमरे में कैद हो रही है पहले तो वे तस्वीर लेने वाले कि ओर लपके और बदतमीजी करते हुए उनका फोन छीनने का प्रयास करने लगे.बाद में जब उन्हें पता चला कि फोटो खींचने वाला व्यक्ति पत्रकार है तो धीरे धीरे एक एक कर वहां से सरक गए.इधर इस सम्बंध में जब टोलप्लाज़ा के मैनेजर सुधीर सांगवान से फोन पर बात की गई तो उन्होंने तो पहले टोलप्लाज़ा पर किसी भी तरह के नगद भुगतान की प्रक्रिया से इनकार किया लेकिन जैसे हीं उन्हें यह बताया गया कि टोलप्लाज़ा पर ट्रक वालो से पैसे लेने का फोटो और वीडियो उपलब्ध है तो वे बात को घुमाते हुए इसमे शामिल कर्मियों पर कार्रवाई करने की बात कहने लगे.इधर टोलप्लाज़ा पर कार्यरत कई कर्मियों ने दबी जुबान में बताया कि टोलप्लाज़ा पर बालू लदे ट्रको को सबसे किनारे वाले लेन से पैसे लेकर छोड़ा जाता है.

रात मे यह काम वृहद पैमाने पर किया जाता है.उन्होंने बताया कि इस कृत्य में टोल के कई कर्मी और अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि विगत 10 अप्रैल से ही देश भर के एनएच पर स्थित टोलप्लाज़ा पर नगद भुगतान की प्रक्रिया बन्द कर दी गयी है.इसका उद्देश्य टोलप्लाज़ा पर समय की बचत,ट्रैफिक जाम कम करना,ईंधन और प्रदूषण की कमी,लेनदेन में पारदर्शिता, कैश हैंडलिंग के झंझट से मुक्ति और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है.एनएचएआई के अनुसार फास्टैग अनिवार्यता और कैशलेस भुगतान बंद होने के बाद टोल पर औसत वेटिंग टाइम 08 मिनट से घटकर 47 सेकेंड रह गया है.

टोल के कुछ कर्मियों ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि अगले कुछ दिनों में कुल्हड़िया टोल प्लाजा का टेंडर होने वाला है. 

ऐसे में बिना फास्टैग वाले वाहनों से निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत नगद राशि लेकर टोल वसूली किए जाने की बात सामने आ रही है. कर्मियों का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया से पहले टोल प्लाजा की आय को कम दिखाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए फास्टैग के बजाय नगद भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है. टेंडर की शर्तों में पिछले राजस्व का आंकड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है और आय कम होने पर नई निविदा अपेक्षाकृत कम राशि पर स्वीकृत हो सकती है.

रिपोर्टर आशीष कुमार