Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी के घर पहली बार पहुंचे डीएम-एसपी, परिजनों से आधे घंटे की मुलाकात; स्मारक से सुरक्षा तक कई मुद्दों पर भरोसा
Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के डीएम मनेश कुमार मीणा और एसपी अवधेश दीक्षित पहली बार भरत तिवारी के पैतृक घर पहुंचे। ...
Bharat Tiwari Encounter Case: 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत के बाद सुर्खियों में आए बिलौटी गांव में शनिवार को प्रशासनिक हलचल तेज रही। भोजपुर के डीएम मनेश कुमार मीणा और एसपी अवधेश दीक्षित पहली बार भरत तिवारी के पैतृक घर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने करीब आधे घंटे तक उनके माता-पिता और अन्य परिजनों से मुलाकात की तथा परिवार की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना।
मुलाकात के दौरान परिजनों ने भरत तिवारी की मौत से जुड़े मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। इसके साथ ही स्मारक निर्माण, घर और आसपास मिट्टी भराई, परिवार की सुरक्षा तथा गंगा कटान से विस्थापित बाढ़ पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता दिलाने समेत कई मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
परिजनों ने बताया कि गंगा कटान की वजह से विस्थापित कई परिवार अब भी बुनियादी सुविधाओं से महरूम हैं। उनका कहना था कि भरत तिवारी भी इन विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाते रहे थे। इस पर डीएम ने भरोसा दिया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद प्रभावित इलाके में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन कार्रवाई करेगा। उन्होंने जगदीशपुर एसडीएम ओमप्रकाश लाल को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
परिजनों की सुरक्षा संबंधी चिंता को देखते हुए घर पर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है। अधिकारियों ने परिवार को आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से घोषित प्रावधानों के तहत अनुकंपा पर नौकरी और अन्य सरकारी सहायता की प्रक्रिया को प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा।परिवार ने सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से बदनाम करने और परेशान करने की शिकायत भी की। मामले को गंभीरता से लेते हुए शाहपुर थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
डीएम ने मौके पर सीओ को बुलाकर परिवार से संबंधित लंबित कागजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। स्मारक निर्माण, आवास परिसर में मिट्टी भराई और सरकारी सहायता से वंचित बाढ़ पीड़ितों के नाम सूची में शामिल करने की मांग पर भी प्रशासन की ओर से सकारात्मक पहल का भरोसा दिया गया।
गौरतलब है कि 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत के बाद यह मामला काफी चर्चित हुआ था। मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भरत तिवारी के परिवार को एक नौकरी और आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी।डीएम और एसपी की परिजनों से मुलाकात के बाद अब परिवार की मांगों, सरकारी घोषणाओं और लंबित प्रक्रियाओं पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज होने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट-आशीष कुमार