Bihar News : भोजपुर का चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, आरा में शुरू हुआ न्यायिक जांच आयोग का कार्यालय, 6 महीने में सौंपनी होगी रिपोर्ट

Bihar News : भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच की शुरुआत हो गयी है. इसके लिए आरा में न्यायिक जांच आयोग के कार्यालय की शुरुआत हो गयी है.....पढ़िए आगे

Bihar News : भोजपुर का चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, आरा
न्यायिक आयोग का कार्यालय - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस बहुचर्चित मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित किए गए न्यायिक जांच आयोग का कार्यालय आरा में विधिवत रूप से शुरू हो गया है। आयोग के गठन के बाद अब जमीनी स्तर पर मामले की न्यायिक जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

आरा पहुंचे न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिंह

न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष सह सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिंह विशेष रूप से आरा पहुंचे। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय परिसर में बनाए गए न्यायिक जांच आयोग के नए कार्यालय का उद्घाटन किया और वहां से विधिवत कामकाज संभाल लिया है। कार्यालय शुरू होने के साथ ही इस कथित एनकाउंटर से जुड़े तमाम साक्ष्यों और दस्तावेजों को खंगालने की कवायद शुरू हो गई है।

6 महीने के भीतर पूरी करनी होगी जांच

राज्य सरकार की ओर से इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच करने के लिए आयोग को कुल 6 महीने का समय दिया गया है। इस समय सीमा के भीतर आयोग को घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। कार्यालय के शुरू होने से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में निष्पक्ष न्याय की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं।

सभी संबंधित पक्षों को भेजा जाएगा समन

मीडिया से बातचीत के दौरान आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिंह ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि घटना के दिन क्या हुआ था, इसकी सत्यता जानने के लिए इस कांड से जुड़े सभी लोगों को, चाहे वह पुलिस अधिकारी हों, प्रत्यक्षदर्शी हों या पीड़ित परिवार के सदस्य, सभी को आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा।

जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का दावा

न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि आयोग तमाम बिंदुओं पर बिना किसी दबाव के पारदर्शिता के साथ जल्द से जल्द जांच पूरी करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर एक तथ्यपरक रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि मामले का दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

आशीष की रिपोर्ट