विश्व पर्यावरण दिवस पर भोजपुर में वृहत पौधारोपण, न्यायालय परिसर और राजकीय कन्या विद्यालय में लगाए गए पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर भोजपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आरा में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम चलाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोजित इस अभियान के तहत आरा व्यवहार न्यायालय परिसर और के.जी. रोड स्थित राजकीय कन्या प

विश्व पर्यावरण दिवस पर भोजपुर में वृहत पौधारोपण, न्यायालय पर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरा न्यायालय परिसर में किया पौधरोपण- फोटो : आशीष श्रीवास्तव

Arrah  : विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर भोजपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए एक वृहत पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), भोजपुर के तत्वावधान में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के दिशा-निर्देशों के आलोक में संपन्न हुआ। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाना, हरित वातावरण का निर्माण करना और आम जनमानस को प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराना था।


प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम

इस महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अभियान की अध्यक्षता भोजपुर के  प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने स्वयं पहला पौधा रोपा और उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की शपथ दिलाई। उनकी मौजूदगी ने न्यायिक बिरादरी के साथ-साथ आम नागरिकों और छात्रों में भी पर्यावरण के प्रति एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।


व्यवहार न्यायालय और राजकीय कन्या प्लस-2 उच्च विद्यालय में रोपे गए पौधे

इस विशेष अभियान के तहत दो प्रमुख स्थानों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया। पहला कार्यक्रम व्यवहार न्यायालय परिसर, आरा में आयोजित हुआ, जबकि दूसरा आयोजन के.जी. रोड स्थित राजकीय कन्या प्लस-2 उच्च विद्यालय, आरा में किया गया। इन दोनों परिसरों को हरा-भरा बनाने के लिए छायादार, फलदार और औषधीय गुणों से भरपूर कई तरह के पौधे लगाए गए, जिससे आने वाले समय में यहां का वातावरण स्वच्छ और मनोरम बन सके।


न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और छात्र-छात्राओं ने दिया संदेश

इस पुनीत कार्य में समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। न्यायालय परिसर और विद्यालय में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान जिले के कई न्यायिक पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारी व कर्मचारी, स्कूल के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सभी ने एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संदेश दिया। बच्चों में पर्यावरण को लेकर खासा उत्साह देखा गया।


बढ़ते प्रदूषण के बीच समय की मांग है पौधारोपण, समाज से अपील

कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) की गंभीर चुनौतियों को देखते हुए पौधारोपण अब केवल एक शौक नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। इस पहल के माध्यम से आम जनता से अपील की गई कि वे न केवल अधिक से अधिक पौधे लगाएं, बल्कि उनके जीवित रहने तक उनकी पूरी देखभाल भी करें ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित वातावरण मिल सके।


आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट