Bihar Crime : भोजपुर में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, महिला सहित दो को किया गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा किया बरामद

Bihar Crime : भोजपुर पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. इस दौरान पुलिस ने माँ बेटे को गिरफ्तार किया है. साथ ही हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है.....पढ़िए आगे

Bihar Crime : भोजपुर में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भ
मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तियर थाना क्षेत्र में संचालित एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। भोजपुर एसपी मिस्टर राज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी सफलता की विस्तृत जानकारी साझा की।

एसपी मिस्टर राज ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तियर थाना क्षेत्र के उत्तरदाहा गांव में अवैध रूप से हथियारों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना के आधार पर गठित टीम ने जब उत्तरदाहा गांव में छापेमारी की, तो वहां का नजारा देख पुलिस भी दंग रह गई। मौके से दो देशी कट्टा, छह अर्धनिर्मित कट्टा, कारतूस और खोखा बरामद किया गया। हथियार बनाने के इस खेल में इस्तेमाल होने वाली विद्युत ड्रिल मशीन और अन्य तकनीकी उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

इस छापेमारी में पुलिस ने मुख्य आरोपी धनजी शर्मा (पिता स्वर्गीय मुनीलाल शर्मा) को गिरफ्तार किया है, जो उत्तरदाहा गांव का ही रहने वाला है। इसके साथ ही एक महिला अभियुक्त को भी हिरासत में लिया गया है, जिससे पुलिस इस सिंडिकेट के बारे में पूछताछ कर रही है। एसपी के अनुसार, यह फैक्ट्री काफी समय से गुप्त तरीके से चलाई जा रही थी और यहाँ से आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की बड़ी खेप भेजी जा रही थी।

भोजपुर एसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस मिनी गन फैक्ट्री के पकड़े जाने से क्षेत्र के हथियार तस्करों और अपराधियों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस की सक्रियता के कारण हथियारों की एक बड़ी खेप बाजार में जाने से पहले ही जब्त कर ली गई, जिससे संभावित आपराधिक घटनाओं को टाला जा सका है।

पुलिस अब इस मामले के पिछले और अगले कड़ियों (बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज) को जोड़ने में जुटी है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन जिलों में की जा रही थी और इस काले कारोबार के पीछे और कौन से मास्टरमाइंड शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने टीम को इस सफल उद्भेदन के लिए पुरस्कृत करने की बात भी कही है।

आशीष की रिपोर्ट