Bihar News : भोजपुर में बीच सड़क पर ग्रामीणों ने रोकी डीएम की गाड़ी, कहा-बाँध पर कट रही जिंदगी, रहने के लिए नहीं मिली जमीन

Bihar News : भोजपुर जिले में उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई जब जवैनिया गांव में बोल्डर पिचिंग कार्य का निरीक्षण करने जा रहे डीएम मनेष कुमार मीणा को विस्थापित ग्रामीणों ने बीच रास्ते में ही घेर लिया......पढ़िए आगे

Bihar News : भोजपुर में बीच सड़क पर ग्रामीणों ने रोकी डीएम की
ग्रामीणों ने रोकी डीएम की गाडी - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई जब जवैनिया गांव में बोल्डर पिचिंग कार्य का निरीक्षण करने जा रहे जिला पदाधिकारी मनेष कुमार मीणा को विस्थापित ग्रामीणों ने बीच रास्ते में ही घेर लिया। दामोदरपुर बांध के समीप अचानक सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। अप्रत्याशित रूप से बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के कारण मौके पर तैनात प्रशासनिक अमला और सुरक्षाकर्मी कुछ देर के लिए सकते में आ गए।

सड़क जाम और लोगों के आक्रोश को भांपते हुए जिलाधिकारी मनेष कुमार मीणा ने अपनी गाड़ी रुकवाई और बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने सड़क पर खड़े होकर ही एक-एक कर पीड़ित ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखाते हुए डीएम ने काफी धैर्य और शांति के साथ प्रभावित परिवारों की व्यथा जानी।

विस्थापित ग्रामीणों ने बताया कि कटाव के कारण बेघर होने के बाद जवैनिया गांव के सैकड़ों परिवार पिछले एक साल से अधिक समय से दामोदरपुर बांध पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने लंबे समय बाद भी प्रशासन द्वारा उन्हें न तो पुनर्वास के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है और न ही बुनियादी सुविधाएं मिल पा रही हैं, जिससे वे बेहद दयनीय स्थिति में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अपने क्षेत्र से गुजरते देख विस्थापित परिवारों का सब्र टूट गया और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरने का फैसला किया। वायरल तस्वीरों और वीडियो में भी स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस तरह डीएम पूरी गंभीरता से पीड़ित परिवारों और महिलाओं की बातों को सुन रहे हैं और उनकी समस्याओं को नोट कर रहे हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी मनेष कुमार मीणा ने सूझबूझ का परिचय दिया और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। उन्होंने विस्थापित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी पुनर्वास और जमीन संबंधी मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर उचित और ठोस प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटाया।

आशीष की रिपोर्ट