बगहा में बाघ के हमले से महिला की मौत: मदनपुर फारेस्ट एरिया में लोग भयाक्रांत

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह इलाका वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटा होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही वाला क्षेत्र माना जाता है। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।

iger attack in Bagaha
iger attack in Bagaha- फोटो : news4nation

Bihar News :  बगहा अनुमंडल में बाघ के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना नौरंगिया थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 निवासी रामायण चौधरी (सहनी) की पत्नी उमरावती देवी (करीब 45 वर्ष) के साथ उस समय हुई, जब वह यूपी-बिहार सीमा से सटे मदनपुर वन क्षेत्र के दुर्गम क्षेत्र मिश्रौलिया रेता स्थित अपने धान के खेत में सोहनी (निराई) कर रही थीं। 


जानकारी के अनुसार, पास के गन्ने के खेत से अचानक निकले बाघ ने महिला पर हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए गन्ने के खेत में ले गया। आसपास के खेतों में काम कर रहे मजदूरों ने घटना देख शोर मचाया और ग्रामीणों के साथ मौके की ओर दौड़े। लोगों की आवाज सुनकर बाघ महिला को छोड़कर भाग गया। हालांकि तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। उनके शरीर पर गहरे जख्म पाए गए हैं।


घटना की सूचना मिलते ही वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल-दो अंतर्गत मदनपुर वन क्षेत्राधिकारी नसीम अंसारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वहीं नौरंगिया थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुट गई।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह इलाका वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटा होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही वाला क्षेत्र माना जाता है। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जंगल से सटे खेतों में समूह बनाकर काम करने की अपील की है। पुलिस और वन विभाग मामले की जांच के साथ आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटे हैं।


विगत दिन गुरुवार को वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र में भी बकरी चरा रहे ग्रामीण अकलू यादव पर एक बाघ ने हमला कर दिया था। हालांकि आसपास मौजूद करीब आधा दर्जन लोगों के प्रतिरोध के कारण उनकी जान बच गई थी जो फिलहाल जीएमसीएच बेतिया में इलाजरत है। और आज मदनपुर वन क्षेत्र में महिला की बाघ के हमले में मौत से वनवर्ती क्षेत्र में बसे लोगों में भय का माहौल हो गया है लोग अपने खेतों में जाने से डर रहे हैं।

धीरज पाराशर की रिपोर्ट