Bihar private schools: बिहार के 26 प्राइवेट स्कूलों पर गिरी गाज! इस वजह से स्कूल के गेट पर लग सकता है ताला, शिक्षा विभाग ने दी चेतावनी
बिहार के बांका जिले के कई प्राइवेट स्कूलों ने अपार कार्ड बनाने में लापरवाही बरती है। शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए 26 स्कूलों के यू-डाइस कोड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है।

Bihar private schools: बिहार सरकार की समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत छात्रों के लिए अपार कार्ड एक अनिवार्य पहचान दस्तावेज है। यह न केवल छात्रों की डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करता है बल्कि शैक्षणिक रिकॉर्ड और सरकारी लाभों की पारदर्शिता में भी सहायक होता है। जबकि सरकारी स्कूलों ने इस दिशा में तेजी दिखाई, बांका जिले के कई प्राइवेट स्कूलों ने अब तक इस कार्य को शुरू ही नहीं किया।
डीपीओ राजकुमार राजू ने इस लापरवाही को गंभीरता से लिया और 26 स्कूलों की सूची जारी की, जिन्होंने आदेशों की अवहेलना की। यह कदम उन स्कूलों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जो अब भी अपार कार्ड निर्माण में लापरवाही बरत रहे हैं।
डीपीओ की सख्त चेतावनी: अब नहीं चलेगी लापरवाही
शुक्रवार को एसएसए सभागार में आयोजित मीटिंग में प्राइवेट स्कूल संचालकों को साफ संदेश दिया गया कि अब किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बैठक न केवल जानकारी देने के लिए थी बल्कि चेतावनी भी थी कि अब यू-डाइस कोड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
डीपीओ ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पहले ही कड़ी कार्रवाई के बाद सुधार हुआ है। अब प्राइवेट स्कूलों की बारी है। यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो शिक्षा विभाग, पटना को इनकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश भेजी जाएगी।
किन स्कूलों पर गिरी गाज: यू-डाइस कोड रद्द होने की प्रक्रिया में
बांका के कई प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों के नाम इस कार्रवाई की सूची में सामने आए हैं। इनमें शामिल हैं:
मां गायत्री विद्या मंदिर, अमरपुर
डेफोडिल्स पब्लिक स्कूल, अमरपुर
सेंट जॉस स्कूल, बांका
हाजी रहमान पब्लिक स्कूल, बांका
ज्ञानगंगा विद्यापीठ, चांदन
लिटिल फ्लावर, धोरैया
माई लार्डस एकेडमी, शंभुगंज, आदि।
इन स्कूलों का यू-डाइस कोड, जो कि हर विद्यालय के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या होती है, अब रद्द किया जा रहा है। इसके रद्द होने से ये स्कूल सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
यू-डाइस कोड क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण?
यू-डाइस (U-DISE) कोड भारत सरकार द्वारा प्रत्येक स्कूल को दिया जाने वाला एक विशेष कोड होता है, जो उस स्कूल की पहचान को दर्शाता है। यह कोड शिक्षा से जुड़ी योजनाओं, अनुदान, छात्रवृत्ति, और डाटा विश्लेषण जैसे मामलों में केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए बेहद जरूरी होता है।अगर किसी स्कूल का यू-डाइस कोड रद्द हो जाता है, तो वह केंद्र और राज्य योजनाओं का लाभ नहीं उठा सकता।मान्यता रद्द होने की स्थिति में बंद भी किया जा सकता है।छात्रों के सरकारी प्रमाणपत्रों और सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।
अब लापरवाही नहीं चलेगी
बांका जिले में अपार कार्ड निर्माण को लेकर जो लापरवाही देखने को मिली, वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। शिक्षा विभाग का यह सख्त रुख जरूरी और स्वागत योग्य है। यह न केवल प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा के डिजिटल सुधार की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।