Bihar News : बेगूसराय में निगरानी विभाग की टीम ने की बड़ी कार्रवाई, ASI चंदन कुमार को 31 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ किया गिरफ्तार
Bihar News : बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना में तैनात ASI चंदन कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने 31 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
BEGUSARAI : भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का दावा करने वाले सरकारी सिस्टम पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना में तैनात एएसआई चंदन कुमार को 31 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए निगरानी विभाग की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामला सिर्फ एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह घटना उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करती है, जिसके कंधों पर आम लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी है। जब कानून का पालन कराने वाले अधिकारी ही रिश्वतखोरी के आरोप में पकड़े जाएंगे, तो आम जनता आखिर अपनी शिकायत लेकर किसके पास जाएगी? सोमवार को निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए साहेबपुर कमाल थाना में तैनात एएसआई चंदन कुमार को कथित तौर पर 31 हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। निगरानी की इस बड़ी कार्रवाई की खबर फैलते ही पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
रिश्वत पर सवाल
बताया जा रहा है कि निगरानी विभाग भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि थाने में फरियाद लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति को पहले से ही कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर किसी काम के बदले रिश्वत मांगे जाने के आरोप सामने आते हैं, तो यह जनता के भरोसे को कमजोर करने वाला मामला है।
भ्रस्टाचार की जड़
अब जिलेवीसियो के नजर में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ रंगेहाथ गिरफ्तारी तक सीमित रहेगी, या फिर पूरे मामले की गहराई से जांच कर यह भी पता लगाया जाएगा कि रिश्वतखोरी का यह खेल कहीं किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद जिले के अन्य थानों और सरकारी कार्यालयों में भी हलचल तेज होने की चर्चा है। लोगों की निगाहें अब आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
जीरो टॉलरेंस के दावों पर बड़ा सवाल
सरकार और प्रशासन लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते रहे हैं। लेकिन समय-समय पर सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। अब देखना होगा कि साहेबपुर कमाल थाना के एएसआई की गिरफ्तारी के बाद विभाग क्या ठोस कदम उठाता है। क्या इस मामले में सिर्फ एक अधिकारी पर कार्रवाई होगी, या भ्रष्टाचार से जुड़े दूसरे संभावित पहलुओं की भी जांच की जाएगी? फिलहाल, 31 हजार रुपये रिश्वत लेते एएसआई की गिरफ्तारी ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जनता जवाब चाहती है—इंसाफ के रखवालों की वर्दी पर रिश्वतखोरी का दाग आखिर कब मिटेगा?
अजय शास्त्री की रिपोर्ट