Bihar News : बगहा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पहली पत्नी को छोड़ दूसरी के साथ रह रहे युवक की जमकर पिटाई, मौके पर पहुंची पुलिस ने बचायी जान

Bihar News : बगहा में हाई-वोल्टेज ड्रामा, पहली पत्नी को छोड़

BETTIAH : बगहा अनुमंडल चौक पर शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया। जब सैकड़ों की उग्र भीड़ एक युवक को बेरहमी से पीटते और घसीटते हुए होमगार्ड कार्यालय परिसर तक ले आई। इस घटना से पूरे चौक पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों का आरोप था कि युवक अपनी पहली पत्नी को प्रताड़ित कर किसी अन्य शादीशुदा महिला के साथ अवैध रूप से रह रहा है। जब पहली पत्नी और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो युवक की उद्दंडता देख भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा और उसकी जमकर धुनाई कर दी गई।

शादी के छह माह बाद पत्नी को छोड़ने का आरोप

मामले की जड़ में वैवाहिक विवाद है। रामनगर के जोगिया निवासी गेना सहनी ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2024 में अपनी बेटी की शादी पूर्वी चंपारण के जितेंद्र शाह से की थी। आरोप है कि शादी के महज छह महीने बाद ही जितेंद्र अपनी पत्नी को बेतिया स्टेशन पर लावारिस छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद वह किसी दूसरी शादीशुदा महिला के साथ रहने लगा। इसी मामले को लेकर बगहा न्यायालय में सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद परिसर के बाहर विवाद बढ़ गया और नौबत मारपीट तक पहुँच गई।

पत्नी और बच्ची के अपहरण का दावा 

इस विवाद में एक तीसरा कोण भी सामने आया है। पटना सिटी के शरीफगंज निवासी अभिषेक राज ने जितेंद्र पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिषेक का दावा है कि जितेंद्र उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभिषेक की तीन माह की मासूम बच्ची का भी कोई सुराग नहीं मिल रहा है। अभिषेक ने आरोप लगाया कि जब उसने न्यायालय परिसर में अपनी पत्नी और बच्ची के बारे में पूछना चाहा, तो जितेंद्र ने उसके साथ भी मारपीट की।

पुलिस की दखल और युवक का रेस्क्यू

होमगार्ड कार्यालय परिसर में हंगामे की सूचना मिलते ही पटखौली थाना पुलिस और डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जितेंद्र को उनके चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित थाने ले गई। पुलिस की मौजूदगी के बाद ही मामला शांत हो सका। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी के बयान दर्ज किए।

न्यायालय की शरण में अब आगे की कार्रवाई

पटखौली थानाध्यक्ष हृदयानंद सिंह ने बताया कि मामला काफी पेचीदा है और यह पहले से ही बगहा व्यवहार न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रित कर लिया है, लेकिन वैवाहिक विवाद और कानूनी पेचीदगियों के कारण आगे की मुख्य कार्रवाई न्यायालय के माध्यम से ही की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर आपसी विवादों के बीच सड़क पर होने वाले 'मॉब जस्टिस' (भीड़ के न्याय) पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आशीष की रिपोर्ट