सरेराह 'कलयुगी' पति की कुटाई: पहली पत्नी को बेतिया स्टेशन पर छोड़ दूसरी के साथ हुआ फरार, भीड़ ने घसीट-घसीट कर सिखाया सबक!

बगहा में पहली पत्नी को छोड़ दूसरी महिला संग फरार पति की बीच सड़क जमकर कुटाई हुई। आक्रोशित भीड़ ने आरोपी को घसीटकर पीटा। डायल 112 ने मौके पर पहुँचकर युवक को बड़ी मुश्किल से बचाया। बीच सड़क भारी हंगामा: बगहा अनुमंडल चौक बना रणक्षेत्र

सरेराह 'कलयुगी' पति की कुटाई: पहली पत्नी को बेतिया स्टेशन पर

Bettiah -:  पश्चिमी चंपारण के बगहा अनुमंडल चौक पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सैकड़ों की भीड़ ने एक युवक को पकड़ लिया और उसे घसीटते हुए होमगार्ड कार्यालय परिसर तक ले आई। सरेराह युवक की पिटाई होते देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों का गुस्सा इस कदर था कि वे युवक को छोड़ने को तैयार नहीं थे। मामला पत्नी से जुड़े विवाद का था, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप अख्तियार कर लिया और घंटों तक सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

छह महीने में ही उजाड़ दी पहली पत्नी की दुनिया

विवाद की जड़ में आरोपी जितेंद्र शाह की धोखेबाजी है। रामनगर के जोगिया निवासी गेना सहनी ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2024 में बड़े अरमानों के साथ अपनी बेटी की शादी पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि निवासी जितेंद्र से की थी। लेकिन शादी के महज छह महीने बाद ही जितेंद्र का असली चेहरा सामने आ गया। वह अपनी पत्नी को बेतिया स्टेशन पर लावारिस छोड़ कर फरार हो गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि तब से वह किसी अन्य शादीशुदा महिला के साथ अवैध संबंध में रह रहा है।

दूसरी महिला के पति का भी संगीन आरोप: गायब है 3 माह की बच्ची

यह मामला सिर्फ दो परिवारों का नहीं, बल्कि और भी पेचीदा है। पटना सिटी के शरीफगंज निवासी अभिषेक राज भी इस हंगामे में शामिल थे। अभिषेक का आरोप है कि आरोपी जितेंद्र उनकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अभिषेक की तीन माह की मासूम बच्ची का भी कोई सुराग नहीं मिल रहा है। अभिषेक ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने न्यायालय परिसर में जितेंद्र से अपनी पत्नी और बच्ची के बारे में पूछा, तो उसने उनके साथ भी मारपीट की।

न्यायालय परिसर से शुरू हुआ विवाद और सड़कों पर आई भीड़

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला बगहा व्यवहार न्यायालय में चल रही सुनवाई से जुड़ा था। कोर्ट परिसर के बाहर जब दोनों पक्षों का आमना-सामना हुआ, तो विवाद बढ़ गया। आरोपी जितेंद्र की हरकतों से आक्रोशित पहली पत्नी के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे घेर लिया। जैसे ही उसने भागने की कोशिश की, लोगों ने उसे दबोच लिया और पिटाई शुरू कर दी। होमगार्ड कार्यालय के अधिकारियों ने जब स्थिति बिगड़ती देखी, तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी।

डायल 112 ने बचाई जान, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और उग्र भीड़ के बीच फंसे जितेंद्र को किसी तरह बचाकर पटखौली थाने ले गई। थानाध्यक्ष हृदयानंद सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और सभी पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की गई है। पुलिस की दखल के बाद हंगामा शांत हुआ, लेकिन लोगों में आरोपी की करतूतों को लेकर गहरा आक्रोश बना हुआ है।

कोर्ट के पाले में गेंद: अब कानून करेगा अंतिम फैसला

थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह पूरा मामला पहले से ही बगहा व्यवहार न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की सलाह दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई कोर्ट के आदेशों के आधार पर ही सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर समाज में रिश्तों के बिखराव और 'अवैध संबंधों' के चलते पैदा होने वाली हिंसक स्थितियों को उजागर कर दिया है।

Report- ashish, bettiah