Bihar SHO Suspended:महिला थानाध्यक्ष निलंबित, अपहरण कांड में लापरवाही पड़ी भारी, 15 दिनों में 4 SHO पर गिरी गाज
Bihar SHO Suspended: नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में कथित लापरवाही बरतने और आरोपित की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करने के आरोप में थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक सुधा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
Bihar SHO Suspended: पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। पश्चिम चंपारण के पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में कथित लापरवाही बरतने और आरोपित की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करने के आरोप में पुरुषोत्तमपुर थाना की थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक सुधा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, नाबालिग लड़की के अपहरण से जुड़े एक मामले में पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी। मामले की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि जांच और अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके बाद पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक डॉ सौरभ सुमन ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष सुधा कुमारी के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।पुलिस सूत्रों के अनुसार, अपहरण जैसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को विभागीय स्तर पर गंभीर माना जाता है। इसी वजह से यह कार्रवाई की गई है।
एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मामलों की जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपहरण, महिला अपराध, बाल संरक्षण और अन्य गंभीर मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि बीते 15 दिनों के भीतर जिले में यह चौथे थानाध्यक्ष के खिलाफ की गई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई बताई जा रही है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से जिले के थाना प्रभारियों के बीच जवाबदेही को लेकर दबाव बढ़ गया है। पुलिस महकमे में यह संदेश साफ तौर पर गया है कि कार्य में लापरवाही या निष्क्रियता पर विभाग अब सख्त रुख अपनाने के मूड में है।
स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का मानना है कि संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी तय होने से पुलिस व्यवस्था में सुधार आएगा और आम जनता का भरोसा मजबूत होगा।फिलहाल निलंबन के बाद मामले की विभागीय जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि भविष्य में भी यदि किसी अधिकारी या कर्मी की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन के इस सख्त रुख ने पूरे जिले में एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून के मामलों में लापरवाही अब महंगी पड़ सकती है।
रिपोर्ट- आशीष कुमार