सप्तक्रांति एक्सप्रेस फिर बरामद हुआ भारी मात्रा में विदेश शराब, पैंट्रीकार मैनेजर गिरफ्तार

आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली डाउन 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पैंट्री कार से एक बार फिर शराब बरामद की गई है। नरकटियागंज आरपीएफ ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए शराब को बरामद किया है। मामले में पैंट्रीकार मैनेजर को गिरफ्तार किय

सप्तक्रांति एक्सप्रेस फिर बरामद हुआ भारी मात्रा में विदेश शर
सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पैंट्री कार से फिर शराब बरामद- फोटो : धीरज परासर

Bettiah : आनंद विहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली डाउन 12558 सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक बार फिर शराब तस्करी को लेकर सुर्खियों में है। नरकटियागंज रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेन के पैंट्रीकार (रसोई यान) से भारी मात्रा में ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद की है। आरपीएफ ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पैंट्रीकार के मैनेजर अजय कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी कार्रवाई बगहा के रहने वाले मनीष कुमार नामक व्यक्ति द्वारा दी गई सटीक सूचना पर अमल करते हुए की गई।


ट्रॉली और पिट्ठू बैग से मिली शराब, सूचना देने वाले युवक से मैनेजर ने की मारपीट

कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए आरपीएफ पोस्ट कमांडर ऋतुराज कश्यप ने बताया कि पैंट्रीकार की गहन तलाशी के दौरान वहां छुपाकर रखे गए एक ट्रॉली बैग और एक पिट्ठू बैग को जब्त किया गया। जब इन बैगों को खोला गया, तो उनके भीतर से कुल 62 बोतलें कीमती विदेशी शराब की बरामद हुईं। वहीं, सूचनाकर्ता मनीष कुमार ने पैंट्रीकार प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने ट्रेन में शराब तस्करी की भनक लगने पर इसकी सूचना आरपीएफ को दी, तो इस बात से बौखलाए पैंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट भी की।


कुछ दिन पहले भी पकड़ा गया था जखीरा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। अभी कुछ ही दिन पहले भी इसी सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्रीकार से भारी मात्रा में विदेशी शराब का जखीरा बरामद किया गया था। उस वक्त भी आरपीएफ ने पैंट्रीकार मैनेजर सहित चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस कड़ी कार्रवाई के बावजूद महज कुछ ही दिनों के भीतर उसी ट्रेन के उसी हिस्से से दोबारा शराब की खेप मिलना रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, चेकिंग अभियान और रेल पुलिस के खूफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।


कार्रवाई को दबाने का हुआ प्रयास, पुलिस ने निष्पक्षता से पूरी की जब्ती प्रक्रिया

आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल इस बात की गहनता से तफ्तीश की जा रही है कि बरामद की गई यह विदेशी शराब किसकी थी, इसे दिल्ली/हरियाणा से कहां से लोड किया गया था और बिहार के किस जिले में किस सिंडिकेट तक पहुंचाया जाना था। दूसरी ओर, विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले को रफा-दफा करने और पुलिसिया कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए पर्दे के पीछे से काफी दबाव बनाने की कोशिश भी हुई। हालांकि, आरपीएफ ने किसी भी दबाव को दरकिनार करते हुए विधिवत जब्ती सूची बनाई और गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता से अंजाम दिया।


संगठित नेटवर्क और बड़े मास्टरमाइंड के शामिल होने की आशंका, जांच तेज

लगातार एक ही ट्रेन की पैंट्रीकार को निशाना बनाकर शराब की तस्करी होना इस बात का पुख्ता संकेत है कि यह किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत या इक्का-दुक्का कोशिश नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद मजबूत और संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। अब रेल पुलिस और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आखिर इस पूरे अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड कौन है, जो रेलवे की नाक के नीचे इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा है। जब तक इस गिरोह के सरगना का पर्दाफाश नहीं होता, तब तक रेल यात्रा की सुरक्षा और शराबबंदी कानून के दावों पर सवाल उठते रहेंगे।


धीरज परासर की रिपोर्ट