थानेदार और सीओ को आग में झोंकने की कोशिश! बिहार में 'जंगलराज' जैसी वारदात, जमीन विवाद में पुलिस टीम पर हमला

लौरिया के दुबौलिया में जमीन मापी कराने गई पुलिस टीम पर हमला। भीड़ ने झोपड़ी में आग लगाकर पुलिसकर्मियों को झोंकने का प्रयास किया। सीओ और थानेदार समेत 5 घायल हो गए हैं।

थानेदार और सीओ को आग में झोंकने की कोशिश! बिहार में 'जंगलराज

Bettiah - चनपटिया-लौरिया मार्ग पर स्थित दुबौलिया गांव के समीप शनिवार को उस समय कोहराम मच गया, जब कोर्ट के आदेश पर जमीन की मापी कराने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने खूनी हमला बोल दिया। 

बेकाबू भीड़ ने न केवल अधिकारियों को लाठी-डंडों से पीटा, बल्कि एक झोपड़ी में आग लगाकर पुलिसकर्मियों को उसमें जिंदा झोंकने का भी दुस्साहस किया। इस हिंसक वारदात में सीओ नीतेश कुमार सेठ और थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

महिलाओं ने संभाली मोर्चेबंदी, ड्रोन कैमरा तोड़ा

व्यवसायी मनोज जायसवाल की दो एकड़ रैयती भूमि पर दखल दहानी दिलाने पहुंची टीम पर हमला करने के लिए अतिक्रमणकारी पहले से तैयार थे। जैसे ही मापी शुरू हुई, महिलाएं लाठी-डंडे लेकर पुलिस पर टूट पड़ीं। हमलावरों ने वीडियोग्राफी कर रहे ड्रोन कैमरे को जमीन पर पटक कर तोड़ दिया और संचालक का मोबाइल भी छीन लिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि भारी पुलिस बल को बिना मापी कराए ही जान बचाकर बैरंग लौटना पड़ा।

मौत के मुंह से बचकर निकले पुलिसकर्मी

थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि हमलावरों ने खुद की झोपड़ी में आग लगाई और फिर पुलिसकर्मियों को पकड़कर आग की लपटों में धकेलने का प्रयास किया। घायलों में सीओ और थानाध्यक्ष के अलावा दारोगा प्रिया रंजन, दारोगा निशु कुमारी और कैमरामैन अमित कुमार शामिल हैं, जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया है।

दूसरी बार भी फेल हुई प्रशासन की कोशिश

यह विवाद व्यवसायी मनोज जायसवाल और वंशराज राम के बीच करीब दो एकड़ जमीन को लेकर चल रहा है। इससे पहले 17 दिसंबर को भी प्रशासन की टीम दखल दहानी के लिए पहुंची थी, लेकिन भारी विरोध के कारण तब भी खाली हाथ लौटना पड़ा था। सीओ ने 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जिसका उल्लंघन करते हुए अतिक्रमणकारियों ने इस बार खूनी संघर्ष का रास्ता चुना।

दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, होगी सामूहिक गिरफ्तारी

घटना को लेकर प्रशासन का रुख बेहद सख्त है। लौरिया अंचलाधिकारी नीतेश कुमार सेठ ने कहा कि घटनास्थल की वीडियो फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पुलिस पर हमला करने वालों की सामूहिक गिरफ्तारी होगी और जमीन की मापी हर हाल में कराई जाएगी। मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।