वाल्मीकिनगर विधायक ने किया पीपी तटबंध का निरीक्षण, गंडक नदी के कटावरोधी तैयारियों का लिया जायजा

वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र में आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए स्थानीय विधायक सक्रिय हो गए हैं। वाल्मीकिनगर के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पिपरासी से ठकराहा तक फैले पीपी तटबंध का सघन निरीक्षण किया...

वाल्मीकिनगर विधायक ने किया पीपी तटबंध का निरीक्षण, गंडक नदी
वाल्मीकिनगर विधायक ने किया पीपी तटबंध का निरीक्षण- फोटो : आशीष

Bettiah : बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र में मानसून और आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए स्थानीय विधायक सक्रिय हो गए हैं। वाल्मीकिनगर के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने गंडक नदी के संभावित बढ़ते जलस्तर और उससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए पिपरासी से ठकराहा तक फैले पीपी तटबंध का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कटावरोधी तैयारियों की धरातलीय स्थिति को बारीकी से परखा।


निरीक्षण के दौरान विधायक ने तटबंध की मजबूती, नदी के बहाव की स्थिति और उन संवेदनशील स्थलों का विशेष रूप से जायजा लिया, जहां हर साल कटाव की सबसे ज्यादा आशंका बनी रहती है। उन्होंने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही मुस्तैद रहें।


बरसात के मौसम को लेकर सतर्क हुए कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा

कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात के दिनों में गंडक नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाता है। जलस्तर में इस वृद्धि के कारण तटबंधों पर पानी का भारी दबाव बनता है और कटाव का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते सभी आवश्यक और सुरक्षात्मक तैयारियां सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है, ताकि बाढ़ जैसी किसी भी आपदा की स्थिति में स्थानीय जनता और उनके आशियानों की सुरक्षा की जा सके।


इस निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ (SDO) सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने विधायक को आश्वस्त करते हुए बताया कि संभावित बाढ़ और भीषण कटाव से निपटने के लिए विभाग की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा सामग्री, आधुनिक मशीनें और पर्याप्त मानव संसाधन पहले से ही उपलब्ध करा दिए गए हैं।


जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी और सतर्कता बरतने के सख्त

अंत में, विधायक ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे तटबंध की नियमित और चौबीसों घंटे निगरानी (मॉनिटरिंग) जारी रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति या आपातकालीन सूचना मिलते ही तत्काल प्रभाव से राहत और बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी या जान-माल का सामना न करना पड़े।


आशीष कुमार की रिपोर्ट