पुलिस का बड़ा एक्शन: प्रमिला देवी हत्याकांड के फरार आरोपी के घर पुलिस ने की 'कुर्की-जब्ती'

पुलिस का बड़ा एक्शन: प्रमिला देवी हत्याकांड के फरार आरोपी के
हत्याकांड के फरार आरोपी के घर कुर्की जब्ती- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : जिले के सन्हौला प्रखंड अंतर्गत सनोखर थाना क्षेत्र में चर्चित प्रमिला देवी हत्याकांड के मुख्य आरोपी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कई महीनों से फरार चल रहे नामजद आरोपी रंजन साह के घर पर सनोखर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार कुर्की-जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया। छोटी नाकी गांव में हुई इस सख्त कार्रवाई से न केवल फरार अपराधियों में हड़कंप मच गया है, बल्कि ग्रामीणों के बीच कानून का इकबाल भी बुलंद हुआ है।


महीनों से फरार चल रहा था हत्यारोपी 

जानकारी के अनुसार, चिंतामन साह की पत्नी प्रमिला देवी की कुछ समय पहले निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने प्रेमानंद साह के पुत्र रंजन साह को नामजद आरोपी बनाया था। घटना के बाद से ही आरोपी अपनी गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई बार छापेमारी की और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा देकर अपनी लोकेशन बदलता रहा।


कोर्ट के आदेश पर घर का सामान हुआ जब्त 

आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने के कारण पुलिस ने न्यायालय से कुर्की का वारंट प्राप्त किया। इसके बाद सनोखर थाना अध्यक्ष पंकज किशोर के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी के पैतृक गांव छोटी नाकी पहुँची। विधि-सम्मत तरीके से ढोल-नगाड़ों के साथ मुनादी कराई गई और फिर घर के चौखट, किवाड़ समेत अन्य कीमती सामानों को जब्त कर थाने ले जाया गया। पुलिस की इस सख्ती से इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई।


प्रशासनिक संदेश: कानून से बच नहीं पाएंगे अपराधी 

सनोखर थाना अध्यक्ष पंकज किशोर ने बताया कि रंजन साह की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन उसके सहयोग न करने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुर्की-जब्ती का उद्देश्य आरोपी पर मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दबाव बनाना है ताकि वह जल्द ही सरेंडर करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आरोपी जल्द सामने नहीं आता है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया और भी सख्त की जाएगी।


ग्रामीणों में जगी न्याय की उम्मीद 

प्रमिला देवी हत्याकांड को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था। पुलिस द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि इस तरह की प्रशासनिक सख्ती से अपराधियों के बीच डर का माहौल पैदा होगा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों को खंगालने और आरोपी को जेल भेजने के लिए छापेमारी जारी रखे हुए है।


बालमुकुंद की रिपोर्ट