मुंडन संस्कार के दौरान मातम: गंगा में डूबने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत

Bihar News : भागलपुर में एक बड़ा दर्दनाक हादसा हुआ है। जहां मुंडन संस्कार के लिए गंगा घाट पर पहुंचे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की डूबने से मौत हो गई.....

मुंडन संस्कार के दौरान मातम: गंगा में डूबने से एक ही परिवार

Bhagalpur : जिले के नवगछिया अंतर्गत रंगरा प्रखंड के झल्लूदास टोला गंगा घाट पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ मुंडन संस्कार के पवित्र अनुष्ठान के दौरान गंगा स्नान कर रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य गहरे पानी में समा गए। इस घटना के बाद घाट पर मौजूद खुशियों का माहौल चीख-पुकार में बदल गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।


पैर फिसलने से गहरे पानी में गए भाई-बहन और बुआ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार मधेपुरा जिले के भटगामा से मुंडन संस्कार के लिए झल्लूदास टोला घाट पहुँचा था। स्नान करने के दौरान एक युवक और दो युवतियां अचानक गहरे पानी की चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान मोनी कुमारी (बुआ), गौरव कुमार (12 वर्ष) और साक्षी कुमारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गौरव और साक्षी सगे भाई-बहन थे, जिनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


स्थानीय गोताखोरों और SDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद घाट पर मौजूद परिजनों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण और गोताखोर तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही रंगरा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तत्काल सूचित किया गया, जिसके बाद नदी में सघन खोजबीन अभियान शुरू किया गया।


सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि गंगा घाट पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। घाट पर न तो पानी की गहराई बताने वाली बैरिकेडिंग की गई थी और न ही सुरक्षा के लिए कोई रस्सी या चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। परिजनों के अनुसार, उचित व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल सका, जो इस हादसे का मुख्य कारण बना।


गांव में पसरा सन्नाटा

हादसे की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुँची, वहाँ सन्नाटा पसर गया। एक साथ तीन मौतों से परिवार के लोग बेसुध हैं। फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए सरकारी प्रावधानों के अनुसार सहायता राशि दिलाने का भरोसा दिया है।


बालमुकुंद की रिपोर्ट