‘अजब प्रेम की गजब दास्तान’: दो बच्चों की मां ने युवती संग रचाई शादी, विंध्याचल से बक्सर तक गूंजी प्रेम कहानी

बक्सर के बगेन गोला में दो महिलाओं ने सामाजिक बेड़ियों को तोड़कर रचाई शादी. दो बच्चों की मां और एक अविवाहित युवती की 'अजब प्रेम की गजब कहानी' इलाके में चर्चा का विषय.

‘अजब प्रेम की गजब दास्तान’: दो बच्चों की मां ने युवती संग रच

Buxar - बिहार के बक्सर जिले के बगेन गोला थाना क्षेत्र से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ की रहने वाली संध्या देवी और रूबी कुमारी के बीच प्रेम का अंकुर सोशल मीडिया के जरिए फूटा। बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिनों से दोनों साथ में वीडियो (Reels) बनाती थीं। इसी दौरान उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई और उन्होंने समाज की परवाह किए बिना शादी करने का फैसला कर लिया।

विवाहित और दो बच्चों की मां है संध्या


इस अनोखे विवाह की सबसे चर्चित बात संध्या देवी की पृष्ठभूमि है। संध्या पहले से शादीशुदा हैं और उनके पति अतवारु यादव बाहर रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। संध्या के दो बच्चे भी हैं—एक 12 साल की बेटी और 10 साल का बेटा। वहीं, दूसरी ओर रूबी कुमारी (पिता मनोज शाह) अविवाहित हैं। संध्या ने अपने बसे-बसाए संसार और सामाजिक बंधनों को पीछे छोड़ रूबी का हाथ थाम लिया है।

विंध्याचल से बक्सर तक रस्में पूरी

अपने प्यार को मुकाम देने के लिए दोनों महिलाएं उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित प्रसिद्ध विंध्याचल अष्टभुजी मंदिर पहुंचीं। वहाँ उन्होंने पूरे विधि-विधान से शादी रचाई। इसके बाद वे बक्सर लौटीं और यहाँ के रामेश्वर नाथ मंदिर में भी पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे को माला पहनाई। मंदिर परिसर में मौजूद लोग इस दृश्य को देख दंग रह गए, लेकिन दोनों के चेहरे पर अपने फैसले को लेकर कोई शिकन नहीं थी।

इलाके में चर्चा और विवाद का माहौल


जैसे ही यह खबर बगेन गोला और आसपास के गांवों में फैली, लोगों की भीड़ और चर्चाएं तेज हो गईं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और बदलते समय की मांग बता रहे हैं, तो वहीं समाज का एक बड़ा तबका इसे पारंपरिक मूल्यों के खिलाफ मान रहा है। दो बच्चों की मां का एक युवती के साथ घर बसाना इलाके में कौतूहल और बहस का मुख्य मुद्दा बना हुआ है।

रिश्तों की नई परिभाषा या सामाजिक चुनौती?

फिलहाल, यह "अजब प्रेम की गजब कहानी" बक्सर में टॉक ऑफ द टाउन है। संध्या और रूबी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे एक-दूसरे के साथ ही रहना चाहती हैं। यह मामला समाज के बदलते दृष्टिकोण और रिश्तों की जटिलताओं की ओर इशारा करता है। अब देखना यह होगा कि संध्या का परिवार और समाज इस नए रिश्ते को किस रूप में स्वीकार करता है।


रिपोर्ट: संदीप वर्मा, बक्सर।