डुमरांव में जाम का 'द एंड': 57 करोड़ के आरओबी का काम शुरू, अब नहीं रुकेंगी एम्बुलेंस और स्कूल बसें!

पश्चिमी रेलवे फाटक पर लगने वाले वर्षों पुराने जाम से अब स्थायी मुक्ति मिलने वाली है। 57.44 करोड़ की लागत से बनने वाले आरओबी (ROB) का निर्माण कार्य टेस्ट पाइलिंग के साथ धरातल पर शुरू हो गया है।

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Buxar - : लंबे समय से प्रतीक्षित पश्चिमी रेलवे फाटक पर बनने वाला रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मिट्टी की मजबूती जांच (SPT) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद अब लोड टेस्ट के लिए टेस्ट पाइलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। 57.44 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि अब घंटों लगने वाले भीषण जाम के दिन जल्द ही लदने वाले हैं। 

एनआईटी दिल्ली ने दी तकनीकी रिपोर्ट को हरी झंडी

परियोजना की तकनीकी बारीकियों को सुनिश्चित करने के लिए मई माह में फाटक के दोनों ओर विस्तृत भू-तकनीकी जांच कराई गई थी। इसमें जमीन की परतों, जलस्तर और पाइल की वहन क्षमता का वैज्ञानिक आकलन किया गया। इस जांच रिपोर्ट का गहन मूल्यांकन एनआईटी (NIT) दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। एनआईटी से अनुमोदन मिलने के बाद अब टेस्ट पाइलिंग शुरू हुई है, जो मुख्य पिलर निर्माण का आधार बनेगी।

विधानसभा में गूंज चुका है मामला, अब मिली रफ्तार

यह पश्चिमी रेलवे फाटक डुमरांव की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्या रहा है। पूर्व विधायक डॉ. अजित कुमार सिंह ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। 15 जुलाई 2024 को मानसून सत्र के दौरान पथ निर्माण मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया था कि रेलवे और राज्य सरकार के बीच एमओयू के तहत इसका निर्माण होगा। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन के माध्यम से संचालित यह कार्य चुनावी कारणों से धीमा जरूर हुआ था, लेकिन अब यह युद्धस्तर पर जारी है।

2200 से अधिक वाहनों का दबाव और रेल परिचालन पर असर

डीडीयू–पटना रेलखंड के व्यस्त मार्ग पर स्थित होने के कारण इस फाटक पर भारी दबाव रहता है। आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन यहाँ से 2200 से अधिक वाहन गुजरते हैं। फाटक बंद होने पर स्कूली बसें और एम्बुलेंस घंटों फंसी रहती हैं, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। सड़क यातायात ही नहीं, बल्कि कई बार फाटक बंद होने की स्थिति में ट्रेनों को भी आउटर पर रोकना पड़ता है, जिससे रेल परिचालन भी प्रभावित होता है।

दिसंबर 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य

प्रशासन और निर्माण एजेंसी ने लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2027 के अंतिम माह तक इस आरओबी को जनता के लिए खोल दिया जाए। वर्तमान में जारी तकनीकी परीक्षण सफल रहने पर मुख्य पाइलिंग, पिलर निर्माण, गार्डर लॉन्चिंग और एप्रोच रोड का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। इस ओवरब्रिज के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि डुमरांव के विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।