Bihar News : बक्सर में दो शिक्षकों पर लगा दर्जनों छात्राओं के यौन शोषण का आरोप, शिक्षा विभाग ने किया निलंबित, अब होगी विभागीय कार्रवाई
Bihar News : बिहार के बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी विद्यालय में शिक्षकों की शर्मनाक करतूत सामने आई है। जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.......पढ़िए आगे
BUXAR : जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक विद्यालय से जुड़ा एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। विद्यालय में पदस्थापित दो शिक्षकों पर करीब एक दर्जन नाबालिग छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में छात्राओं से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने, उनके प्रसार और धमकी दिए जाने जैसी बातें भी सामने आई हैं। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिकायत और विभागीय रिपोर्ट के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। साथ ही दोनों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
वीडियो सामने आने के बाद खुला मामला
बताया जा रहा है कि छात्राओं से संबंधित कुछ आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आया। इसके बाद ग्रामीणों और संबंधित लोगों की ओर से शिक्षा विभाग में शिकायत की गई। शिकायत में विद्यालय के दो शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और गंभीर यौन अपराधों से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में ऑडियो के माध्यम से कथित तौर पर धमकी दिए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र एवं अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अरविंद कुमार पर लगाए गए हैं गंभीर आरोप
शिकायत में विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार के खिलाफ सबसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन पर नाबालिग छात्राओं को कथित तौर पर होटल ले जाने, उनके साथ दुष्कर्म करने तथा उससे संबंधित वीडियो बनाए जाने और वायरल किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, दूसरे शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद पर छात्राओं से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उनके प्रसार में कथित भूमिका होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दोनों शिक्षकों की भूमिका को लेकर कई गंभीर बातें कही गई हैं। चूंकि मामला नाबालिग छात्राओं से संबंधित है, इसलिए आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
BPSC के जरिए शिक्षक बने थे अरविंद कुमार
विभागीय जानकारी के अनुसार, अरविंद कुमार वर्ष 2024 में TRE-2 के तहत बीपीएससी के माध्यम से शिक्षक पद पर चयनित हुए थे। दोनों शिक्षक एक ही विद्यालय में पदस्थापित थे। एक ओर जहां सरकारी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के आरोप सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
31 अगस्त को BEO ने भेजी रिपोर्ट
मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डुमराँव की ओर से 31 अगस्त 2026 को जिला शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी। रिपोर्ट में ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायत और दोनों शिक्षकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में आरोपों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
अलग-अलग BRC को बनाया गया मुख्यालय
निलंबन के दौरान दोनों शिक्षकों के मुख्यालय भी अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। विभागीय आदेश के अनुसार वीरेंद्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, राजपुर, जबकि अरविंद कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चक्की निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षक संबंधित मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे और विभागीय आदेशों का पालन करेंगे।
विभागीय जांच में तय होगी आरोपों की सच्चाई
शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए आरोप पत्र तैयार किया जाएगा और नियमानुसार संचालन पदाधिकारी तथा उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। विभागीय जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान की जांच की जाएगी। इसके बाद ही आरोपों की वास्तविकता और दोनों शिक्षकों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
संदीप की रिपोर्ट