Chhapra road accident: छपरा में मेला देखकर लौट रहे शख्स की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Chhapra road accident: छपरा के तरैया मुख्य पथ पर पिकअप की टक्कर से 24 वर्षीय भोला राम की मौत हो गई। युवक मेला देखकर घर लौट रहा था। परिवार में मातम और आर्थिक संकट गहरा गया है।

Chhapra road accident

Chhapra road accident: बिहार के छपरा में तरैया मुख्य सड़क पर जान देवी मंदिर के पास सड़क हादसे में 24 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक सर्वोदय मेला देखकर पैदल घर लौट रहा था, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। शनिवार शाम हुई इस घटना से मृतक के परिवार में मातम छा गया है।


मृतक की पहचान सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव निवासी सरोज राम के बेटे भोला राम के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, अमनौर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।


मेला देखकर लौटते समय हुआ हादसा


मिली जानकारी के अनुसार, भोला राम शनिवार को सर्वोदय मेला देखने गया था। मेला देखकर वह पैदल अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान जान देवी मंदिर के पास पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया।


छह भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर था भोला


भोला राम छह भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर था। वह एचआर कॉलेज में निजी कर्मचारी के रूप में काम करता था और अपने परिवार की मदद करता था। परिजनों के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। भोला के पिता दिव्यांग हैं और परिवार की जिम्मेदारियों में बेटा उनका बड़ा सहारा था। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में दुख छा गया। बेटे का शव देखकर पिता बार-बार बेसुध हो जा रहे थे। वहीं, मां राजमती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोगों को संभालना मुश्किल हो रहा था।


पिता से 20 रुपये लेकर मेला देखने गया था भोला


परिजनों ने बताया कि भोला मेला देखने जाने के लिए अपने पिता से 20 रुपये लेकर घर से निकला था। पिता ने उससे बार-बार मेला जाने के बारे में पूछा तो भोला ने कहा था कि मेला केवल एक-दो दिन का ही है। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि मेला देखने निकला भोला कभी वापस नहीं लौटेगा। उसकी मौत से नारायणपुर गांव में मातम पसरा हुआ है।


परिवार के सामने आर्थिक संकट


भोला की मौत से परिवार ने अपना सहारा खो दिया है। पहले से ही कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच अब परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चिंता भी खड़ी हो गई है। गांव के लोग इस दुखद घटना से शोक में हैं। हादसे के बाद पिकअप चालक के फरार होने की बात सामने आई है। चालक की पहचान और घटना के संबंध में पुलिस की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

छपरा से धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट