वैशाली नाव दुर्घटना के बाद सारण प्रशासन अलर्ट : डीएम-एसएसपी की संयुक्त बैठक, बिना निबंधन नाव संचालन और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक

वैशाली के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव दुर्घटना के बाद सारण जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम और एसएसपी ने संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से अधिकारियों को कई सख्त निर्देश जारी किए है....

वैशाली नाव दुर्घटना के बाद सारण प्रशासन अलर्ट : डीएम-एसएसपी
वैशाली नाव दुर्घटना के बाद सारण प्रशासन अलर्ट- फोटो : धर्मेंन्द्र रस्तोगी

Chapra : वैशाली जिले में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पड़ोसी जिले सारण का प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। नौका परिचालन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। 


संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने जिले की सभी छोटी-बड़ी नौकाओं का निबंधन अनिवार्य करने के साथ-साथ जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।


हर नाव पर लाइफ जैकेट और जीवनरक्षक उपकरण अनिवार्य

प्रशासन द्वारा जारी नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक नौका पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट, रस्सी, ट्यूब और अन्य आवश्यक जीवनरक्षक उपकरण होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, हर नाव पर उसकी निर्धारित यात्री क्षमता स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर कड़ी पाबंदी रहेगी। 


वहीं लंबित निबंधन तथा नवीनीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था की निगरानी के लिए आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और एसडीओ-एसडीपीओ द्वारा स्वयं घाटों का निरीक्षण करने को कहा गया है।


धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा और सख्त कार्रवाई की चेतावनी

सुरक्षा संकेतों को स्पष्ट करते हुए घाटों पर खतरे के निशान को लाल रंग से अंकित कराया जाएगा। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आवश्यक निषेधाज्ञा लागू करने की कार्रवाई की जाएगी। 


जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि नौका परिचालन में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दो दिनों के भीतर सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।


धर्मेन्द्र की रिपोर्ट