Bihar News : सारण में बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और राहत कार्यों की समीक्षा, सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अधिकारियों के साथ की बैठक

Bihar News : सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बाढ़ के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

Bihar News : सारण में बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण और राहत कार्य
राहत कार्यों की समीक्षा - फोटो : SOCIAL MEDIA

CHAPRA : सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बाढ़ के बाद उत्पन्न परिस्थितियों और पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में प्रभावित परिवारों को राहत, क्षति का आकलन और आगामी महीनों में बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने पर चर्चा हुई। बैठक में तीनों अनुमंडल पदाधिकारी सदर के नीतेश कुमार, मढ़ौरा के सैयद अदील मोहसिन और सोनपुर की स्निग्धा नेहा उपस्थित रहीं। मीडिया से बातचीत में सांसद रूडी ने कहा कि नेपाल में अत्यधिक बारिश और अप्रत्याशित जल-प्रवाह के कारण सारण सहित बिहार के कई क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हुए। सरयू, गंगा और गंडक नदियों से घिरे सारण जिले में मकेर, अमनौर, दरियापुर, परसा, सोनपुर, पानापुर, तरैया और रिविलगंज के विभिन्न इलाके प्रभावित हुए। कई स्थानों पर तटबंधों को नुकसान पहुंचा, जबकि घरों, फसलों, मवेशियों, सड़कों और बिजली व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में 7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। किसानों की फसल क्षति, क्षतिग्रस्त मकानों और मवेशियों के नुकसान का समुचित आकलन कर पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि क्षति आकलन में पूरे प्रभावित क्षेत्र को शामिल किया जाए।

सांसद ने बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से वो मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव तथा जल संसाधन विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए थे। सांसद रूडी ने सांसद कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 18003456222 के माध्यम से प्रभावित लोगों से प्राप्त सूचनाओं और राहत पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कंट्रोल रूम की टीम, मीडिया और राहत कार्य में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

रुडी ने कहा कि बाढ़ का पानी घटने के बाद संभावित बीमारियों और महामारी के खतरे को देखते हुए प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगाने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रभावित आबादी के स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। 

उन्होंने कहा कि अब अगले छह माह में क्षतिग्रस्त तटबंधों, सड़कों, ग्रामीण सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण तथा बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके लिए सड़क निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। बैठक में डॉ. के.के. चौधरी, सिविल सर्जन, सारण; डॉ. शशांक शुभम, चिकित्सा पदाधिकारी, अमनौर सहित सड़क निर्माण, ग्रामीण कार्य, पेयजल, विद्युत और आईओसीएल से संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

धर्मेंद्र रस्तोगी की रिपोर्ट