PATNA - राजधानी पटना से सटे दानापुर में बीती रात हुई गोलीबारी ने इलाके को दहला दिया। पूर्व पार्षद दही गोप पर कातिलाना हमला हुआ। पहले से घात प्रोफेशनल शूटरों ने दानापुर छावनी परिषद का पूर्व उपाध्यक्ष को उनके पेठिया बाजार स्थित घर के समीप ही गोलियों से बिंध दिया और फिर चलते बने। हत्यारों की टोली कितनी दुःसाहसी और प्रोफेशनल थी इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है बीच बचाव को आए उनके साथी विकास उर्फ गोरख को भी सीने में ताबड़तोड़ गोलियों मार कर ऑन स्पॉट मौत की नींद सुला दिया और फिर दुबारा अपने टारगेट यानी रणजीत कुमार उर्फ दही गोप पर फिर से गोलियों की बौछार कर दी। बकौल चश्मदीद के सभी गोलियां गर्दन और सिर में मारी गई। घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार मचे अफरातफरी के बीच पांच से छह लोग दौड़ते हुए गलियों में घुसकर फरार होते देखे गए।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पेठिया बाजार से निकलने के बाद शूटर बाइक पर सवार होकर पीपा पुल होते हुए पड़ोस के जिले में प्रवेश कर गए।इस खुरेजी की गूंज चन्द मिनटों में समाचारों की सुर्खिया बन गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी की जांच में जुटी है बल्कि डेटा डंप लेकर घटना के बाद तेजी से वारदात स्थल से दूर जा रहे संदिग्ध नंबरों का सत्यापन में जुट गई है।
दानापुर के दबंगों के शुमार दही गोप पर पूर्व से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत तारी है। पुलिस की भारी तैनाती इलाके में की गई है। विदित हो कि दानापुर इलाके में जमीन की आसमान छूती कीमतों ने खूंरेजी की वारदातों की बड़ी वजह रही है। कुछ दिन पहले ही नया टोला में जमीन कारोबारी पारस राय की हत्या कर दी गई थी। जमीन के कारोबार से जुड़े लोगों को बदमाश लगातार निशाना बना रहे हैं। दही गोप भी जमीन कारोबार से गहरे जुड़े थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दो दिन पहले रंजीत राय ने एक जमीन की घेराबंदी कराई थी। वह जमीन विवादित थी जिसको अपनी पहुच पैरवी और दबंगी की बिना पर दही गोप ने दखल कर लिया था। करोड़ों रुपए मूल्य की यह जमीन आसोपुर इलाके में है। इस जमीन पर अन्य जमीन के धंधेबाजों की गिद्ध नजर टिकी थी। फिलहाल लोकल इनपुट के आधार पर पुलिस टीम भी इस खुरेजी को जमीन की घेराबंदी से जोडकर देख रही है। साथ ही पुलिस अन्य बिंदुओं और काण्ड के पीछे सियासी साजिश को भी एक एंगल मानकर जांच में जुटी है।
कुलदीप भारद्वाज की रिपोर्ट