Bihar News : गया में मनरेगा में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का 'संग्राम', समाहरणालय पर सामूहिक उपवास कर केंद्र को घेरा

Bihar News : गया में मनरेगा में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का '

GAYAJI : केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) योजना में किए गए बदलावों के विरोध में आज गयाजी समाहरणालय के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित 'मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन' के तहत, कांग्रेसियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सामूहिक उपवास रखा।

इतिहास मिटाने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार: विजय कुमार मिट्ठू

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. गगन कुमार मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के बजाय इतिहास मिटाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भगवान राम और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बीच प्रतिस्पर्धा कराकर राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए मनरेगा का स्वरूप बदलने की कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

45 दिनों तक चलेगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि 'मनरेगा बचाओ संग्राम' एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो संसद से लेकर सड़क तक अगले 45 दिनों तक जारी रहेगा। नेताओं ने संकल्प लिया कि वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संदेश को गया जिले के सभी 24 प्रखंडों और 332 ग्राम पंचायतों के हर घर तक पहुँचाएंगे। उनका लक्ष्य मनरेगा को उसके पुराने और मूल स्वरूप में वापस लाना है।

एकजुट दिखीं कांग्रेस की सभी विंग

इस उपवास कार्यक्रम में कांग्रेस की एकजुटता साफ दिखाई दी। युवा कांग्रेस, एनएसयूआई (NSUI), किसान प्रकोष्ठ, इंटक, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ, शिक्षक प्रकोष्ठ और अधिवक्ता प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान 'राष्ट्रपिता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' और 'काम के अधिकार की रक्षा' जैसे नारों से समाहरणालय परिसर गूंज उठा।

प्रमुख उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. देविका सैयार मिश्रा, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, बाबूलाल प्रसाद सिंह, सुनील कुमार पासवान, प्रदीप शर्मा, ओंकार शक्ति, रंजीत कश्यप और राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष शामिल हुए। नेताओं ने अंत में दोहराया कि जब तक मनरेगा में किए गए बदलाव वापस नहीं लिए जाते, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।