Bihar News: दिवाली-छठ पर आग से निपटने के लिए गया में खास इंतजाम, 21 जगह तैनात रहेंगी दमकल गाड़ियां
Bihar News: दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ के दौरान आग लगने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए गया जिला अग्निशमन विभाग ने कमर कस ली है।
Bihar News: दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ के दौरान आग लगने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए गया जिला अग्निशमन विभाग ने कमर कस ली है। त्योहारों के दौरान लोगों की भारी भीड़, पटाखों की बिक्री और बाजारों में बढ़ती आवाजाही को देखते हुए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। जिले के 21 संवेदनशील स्थानों पर दमकल गाड़ियां पहले से तैनात रहेंगी। वहीं, शहर की संकरी गलियों में आग बुझाने के लिए फायर बाइक दौड़ेंगी। इसके अलावा छह प्रमुख स्थानों पर अस्थायी कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे।
शनिवार को जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश ने प्रेस वार्ता कर विभाग की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में जिले में हुई अगलगी की घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है। विभाग का मकसद है कि आग लगने की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
तीन स्तरों पर होगी अग्निशमन व्यवस्था
अग्निशमन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था को तीन श्रेणियों L1, L2 और L3 में बांटा है। इसके तहत जिले के कुल 21 संवेदनशील स्थानों पर दमकल वाहनों की तैनाती होगी।
- L1 श्रेणी: इसमें सबसे अधिक संवेदनशील 10 स्थान शामिल हैं। यहां दमकल गाड़ियां पहले से तैनात रहेंगी और आसपास आग लगने की सूचना मिलते ही तुरंत रवाना होंगी।
- L2 श्रेणी: इस श्रेणी में छह स्थान रखे गए हैं। यहां तैनात दमकल वाहन आसपास के इलाकों में आग लगने की घटनाओं पर तत्काल पहुंचेंगे।
- L3 श्रेणी: इसके तहत पांच स्थान चिह्नित किए गए हैं। यहां अग्निशमन वाहन लगातार भ्रमणशील रहेंगे और आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी रखेंगे।
इस तरह तीनों श्रेणियों में कुल 21 संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन वाहनों की तैनाती की जाएगी।
छह जगह बनेंगे अस्थायी कंट्रोल रूम
दीपावली और छठ के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए छह प्रमुख स्थानों पर अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। इनमें गांधी मैदान, जहां पटाखों की बिक्री हो रही है, कालचक्र मैदान और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
इन अस्थायी कंट्रोल रूम का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर तैनात अग्निशमन कर्मियों के साथ समन्वय बनाने के लिए किया जाएगा। किसी भी स्थान पर आग लगने की सूचना सबसे पहले संबंधित नियंत्रण कक्ष को मिलेगी। वहां से तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को जानकारी भेजी जाएगी।जिला अग्निशमन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दमकल गाड़ियों और बचाव दल को भी घटनास्थल पर भेजा जाएगा। इससे आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सकेगा।गया शहर के घनी आबादी वाले इलाकों और संकरी गलियों में बड़ी दमकल गाड़ियों को पहुंचने में अक्सर परेशानी होती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए विभाग ने दो विशेष फायर बाइक तैनात की हैं।
इन बाइकों पर दो-दो प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मी मौजूद रहेंगे। इनमें छोटे अग्निशमन उपकरणों के साथ एक्सटिंग्विशर भी लगाए गए हैं। फायर बाइक पर करीब 10 से 12 लीटर क्षमता वाले CO2 और पानी आधारित अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रहेंगे।जिला अग्निशमन पदाधिकारी ज्योति प्रकाश के मुताबिक, ये फायर बाइक फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में काम करेंगी। यानी किसी संकरी गली या भीड़भाड़ वाले इलाके में आग लगने की सूचना मिलते ही ये सबसे पहले मौके पर पहुंचेंगी और शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करेंगी।इसके बाद जरूरत के मुताबिक बड़ी दमकल गाड़ियों और अन्य बचाव टीमों को घटनास्थल पर बुलाया जाएगा।
ज्योति प्रकाश ने कहा कि आग लगने की छोटी घटना को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो वह बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। इसलिए शुरुआती कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। फायर बाइक की तैनाती से उन इलाकों में भी तत्काल मदद पहुंचाई जा सकेगी, जहां सामान्य दमकल वाहनों को पहुंचने में अधिक समय लगता है।दीपावली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी के कारण आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, छठ महापर्व के दौरान घाटों और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में अग्निशमन विभाग ने पहले से तैयारी कर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की रणनीति बनाई है।