Gaya hospital: गया के शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल में मौत पर बवाल! परिजनों ने डॉक्टर पर गलत दवा देने का लगाया आरोप
Gaya hospital: गया के शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिवार ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही और गलत दवा देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Gaya hospital: गया शहर के शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर में रविवार रात मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक के परिवार ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही, गलत दवा देने और जरूरत से ज्यादा दवा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हंगामे की सूचना मिलने के बाद रामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयास के बाद स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान मानपुर प्रखंड के नारायण नगर निवासी पूर्व पंचायत सचिव सिद्धेश्वर प्रसाद के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक करीब 20 दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनके बेटे विपिन कुमार उन्हें इलाज के लिए शुभकामना हार्ट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।
स्टेंट लगाने के बाद घर भेजने का दावा
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने सिद्धेश्वर प्रसाद के हृदय में ब्लॉकेज बताया। इसके बाद उनकी एंजियोप्लास्टी कर दो स्टेंट लगाए गए। परिवार के अनुसार, डॉक्टर अमन सिन्हा ने स्टेंट को सही स्थिति में लगाए जाने की बात कही और मरीज को घर ले जाने की सलाह दी। डॉक्टर ने करीब एक महीने बाद दोबारा जांच के लिए आने को कहा था।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ती गई। विपिन कुमार के मुताबिक उन्होंने कई बार अस्पताल जाकर पिता की स्थिति के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की और डॉक्टर से पूछा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में ले जाया जाए या नहीं। उनका दावा है कि हर बार उन्हें यह कहकर भरोसा दिलाया गया कि स्टेंट लग चुका है और अब कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी।
दवाओं को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि उनके पिता को जरूरत से अधिक दवाएं दी गईं। परिवार का दावा है कि कुछ दवाएं हृदय संबंधी इलाज के बजाय दूसरी बीमारी से जुड़ी थीं और कथित तौर पर ज्यादा मात्रा में दवा दिए जाने से मरीज की हालत और खराब होती गई। विपिन कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान परिवार से करीब चार लाख रुपये लिए गए, लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मौत से एक दिन पहले भी अस्पताल लाए थे मरीज को
परिजनों के अनुसार, सिद्धेश्वर प्रसाद की मौत से एक दिन पहले भी उनकी तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया था। परिवार ने मरीज को भर्ती करने की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि इसके अगले दिन मरीज की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जांच में इलाज में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अस्पताल या चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉक्टर का पक्ष सामने नहीं आया
डॉक्टर अमन सिन्हा से मामले में उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे फोन पर बात नहीं हो सकी। वहीं, उनकी बहन डॉक्टर मेघा सिन्हा ने कहा कि यह एक इमरजेंसी अस्पताल है और यहां गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर स्थिति अब शांत है और परिजन शव लेकर जा चुके हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
रामपुर थाना अध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने बताया कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामे की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों और मरीज की मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
गया से मनोज की रिपोर्ट