6 महीने से वेतन न मिलने पर DM के सामने बिलख पड़े अस्पताल के सुरक्षाकर्मी, जिलाधिकारी ने अधीक्षक को लगाई कड़ी फटकार

गया जी के जिलाधिकारी ने बुधवार को प्रभावती अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों की दास्ता सुनकर डीएम अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए कड़े निर्देश दिए....

6 महीने से वेतन न मिलने पर DM के सामने बिलख पड़े अस्पताल के
अस्पताल के अधीक्षक पर भड़के डीएम- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : जिला स्थित ऐतिहासिक प्रभावती अस्पताल में पैथोलैब के ऑनलाइन उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जिला अधिकारी (DM) शशांक शुभंकर ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फैली कई गंभीर अनियमितताएं और लापरवाही सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन को तत्काल सुधार करने के कड़े निर्देश दिए।


6 महीने से वेतन नहीं मिलने पर बिलख पड़े सुरक्षाकर्मी, DM ने अधीक्षक को मौके पर लगाई फटकार

निरीक्षण के दौरान आउटसोर्सिंग एजेंसी 'लायंस कंपनी' के सुरक्षाकर्मियों ने जिलाधिकारी से मिलकर अपना दर्द बयां किया और बताया कि उन्हें पिछले 6 महीनों से मानदेय नहीं मिला है। अपनी आपबीती सुनाते हुए एक सुरक्षाकर्मी डीएम के सामने ही भावुक होकर रो पड़ा। सुरक्षाकर्मियों की पीड़ा और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता देखकर डीएम बेहद नाराज हुए और मौके पर मौजूद प्रभावती अस्पताल के अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द बकाया वेतन भुगतान का आदेश दिया।


सरकारी अस्पताल में सुविधा के बावजूद मरीजों को बाहर भेजने पर जताई सख्त नाराजगी

अस्पताल भ्रमण के दौरान एक मरीज के परिजन ने सीधे जिलाधिकारी से शिकायत की कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद कर्मियों द्वारा उन्हें बाहर से निजी सेंटरों में जांच कराने को कहा जा रहा है। इस गंभीर शिकायत पर डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और कड़े शब्दों में पूछा कि "जब अस्पताल में सुविधाएं मौजूद हैं तो मरीजों को बाहर क्यों भेजा जा रहा है?" उन्होंने इस तरह की प्रथा पर तुरंत रोक लगाने की ताकीद की।


उल्लेखनीय है कि प्रभावती अस्पताल में यह कार्यक्रम बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा ऑनलाइन माध्यम से राज्य के कई जिलों में आधुनिक पैथोलैब के उद्घाटन के तहत आयोजित किया गया था। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम, अस्पताल के चिकित्सक और कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल हुए गया नगर निगम के महापौर गणेश पासवान और जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी ने भी अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाने की नसीहत दी।


प्रशासनिक तल्खी से अस्पताल महकमे में हड़कंप, लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के इस सख्त रुख और त्वरित कार्रवाई से प्रभावती अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या आउटसोर्सिंग कर्मियों के शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोबारा मिलीं तो दोषियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।

मनोज की रिपोर्ट