Success Story: बिहार के नवादा जिले की आकांक्षा बरनवाल ने अपनी मेहनत और लगन से दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, नासा (NASA) में अपनी जगह बनाई है। आकांक्षा की सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह साबित करती है कि छोटे शहरों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
आकांक्षा बरनवाल शिक्षा और शुरुआती संघर्ष
आकांक्षा ने नवादा के एक स्थानीय स्कूल से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की।उन्होंने नवादा में रहते हुए ही आइआइटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और सफलतापूर्वक मद्रास आइआइटी में दाखिला लिया। आकांक्षा ने एयरोस्पेस ब्रांच से मास्टर डिग्री पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका का रुख किया।
टेक्सास इंस्टीट्यूट में रिसर्च
आकांक्षा ने 2017 में टेक्सास के एक संस्थान में लंबे समय तक रिसर्च किया। इसके बाद सांडिया नेशनल लेबोरेटरी, कैलिफ़ोर्निया में फरवरी 2022 से नेशनल लेबोरेटरी में हाइड्रोजन-एयर प्लेनर विस्फोट पर गैर-थर्मल टर्मोमोलेक्यूलर प्रतिक्रिया के प्रभाव पर रिसर्च कर रही हैं। हाल ही में उनका शोध एआईएए साइटेक फोरम में प्रकाशित हुआ, जो उनकी वैज्ञानिक क्षमताओं को दर्शाता है।
एयरक्राफ्ट की स्पीड पर काम
आकांक्षा वर्तमान में एयरक्राफ्ट की स्पीड पर काम कर रही हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में लगातार नए रिसर्च की जरूरत है। उनकी रिसर्च के सफल होने पर एयरक्राफ्ट की मौजूदा गति को और अधिक बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे एयरोस्पेस क्षेत्र में नई क्रांति आ सकती है।
परिवार का योगदान और प्रेरणा
आकांक्षा ने बताया कि उनके पिता और परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। उनके पिता सुनील कुमार ने परिवार में शैक्षणिक माहौल बनाया, जो आकांक्षा के लिए ताकत बना। आकांक्षा ने कल्पना चावला से प्रेरित होकर एयरोस्पेस साइंस को अपना करियर चुना। उनके दादा अर्जुन बरनवाल, जो मगध विश्वविद्यालय के बड़े स्कॉलर थे। उन्होंने भी आकांक्षा को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। आकांक्षा की इस सफलता पर उनके परिवार में उत्सव का माहौल है। उनके पिता सुनील कुमार, मां रीना देवी और भाई अंकित प्रकाश, जो यूनियन बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं, उनकी उपलब्धि से बेहद खुश हैं।