Bihar News : गोपालगंज में उद्घाटन के दस साल बाद 549 करोड़ से बने महासेतु में आई दरार, पाया नंबर-5 में आया गैप, भारी वाहनों की एंट्री पर लगा बैन
Bihar News : गोपालगंज को बेतिया से जोड़ने वाला और लाखों लोगों की 'लाइफलाइन' कहा जाने वाला जादोपुर-मंगलपुर महासेतु अब अचानक ढहने के कगार पर पहुंच गया है....पढ़िए आगे
GOPALGANJ : गोपालगंज को पश्चिम चंपारण के बेतिया से जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण जादोपुर-मंगलपुर महासेतु अब लोगों की चिंता का कारण बन गया है। महासेतु के स्पैन में गैप आने और पुल के पाया संख्या-5 के धंसने की खबर के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
करीब 549 करोड़ रुपये की लागत से बने इस मेगाब्रिज का उद्घाटन 17 मार्च 2016 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। लगभग साढ़े 16 किलोमीटर लंबे इस महासेतु के निर्माण से गोपालगंज और बेतिया के बीच की दूरी करीब 100 किलोमीटर कम हो गई थी। यह पुल उत्तर बिहार के लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
महासेतु के एक हिस्से में गैप दिखाई देने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर डीएम पवन कुमार सिन्हा, एसडीएम अनिल कुमार, जल संसाधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी पहुंचे और पुल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पुल की स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि मेगाब्रिज के स्पैन में गैप आने की सूचना मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट पटना स्थित एनआईटी और आईआईटी की विशेषज्ञ टीम को भेजी गई है। जल्द ही विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर पुल का तकनीकी निरीक्षण करेगी और सुरक्षा को लेकर आवश्यक सुझाव देगी।
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर फिलहाल भारी और बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है, ताकि पुल पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और मरम्मत कार्य सुरक्षित तरीके से कराया जा सके। साथ ही आम लोगों से भी सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महासेतु गोपालगंज और पश्चिम चंपारण के बीच आवागमन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में पुल में आई खराबी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजर विशेषज्ञ टीम की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
नमो नारायण की रिपोर्ट