गोपालगंज में परीक्षा पर कानून का पहरा, नकल माफियाओं की खैर नहीं, 500 मीटर दायरे में सख्ती, मोबाइल से लेकर मटरगश्ती तक पर शिकंजा

Bihar News: अवर निरीक्षक मद्य निषेध प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा कड़ा पहरा बिठाया है कि परीक्षा में सेंधमारी की साजिश रचने वालों के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।

Exam Security Tightened Copying Mafia Under Scanner
परीक्षा पर कानून का पहरा- फोटो : reporter

Gopalganj: अवर निरीक्षक मद्य निषेध प्रारंभिक परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा कड़ा पहरा बिठाया है कि परीक्षा में सेंधमारी की साजिश रचने वालों के लिए कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कदाचार या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।

रविवार को होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले के चार प्रमुख परीक्षा केंद्रों को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। एसएस बालिका उच्च विद्यालय, वीएम इंटर स्कूल, एमएम उर्दू उच्च विद्यालय और डीएवी उच्च विद्यालय में परीक्षार्थियों की कड़ी जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा।

प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है। यानी परीक्षा के दौरान आसपास बेवजह भीड़ जुटाना, मटरगश्ती करना, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होना और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करना भारी पड़ सकता है। फोटोस्टेट की दुकानों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी, ताकि किसी तरह की नकल या प्रश्नपत्र से जुड़ी गड़बड़ी की साजिश को रोका जा सके।मोबाइल, स्मार्ट वॉच और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लेकर परीक्षा केंद्र में पहुंचने वालों पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया गया है।

सदर एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता परीक्षार्थियों को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है। इसके लिए यातायात व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की तैयारी पूरी कर ली गई है। रेलवे स्टेशन और बस सेवाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।प्रशासन ने होटल और खाद्य दुकानों पर भी निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को आशंका है कि भीड़ का फायदा उठाकर कुछ लोग मनमानी कीमत वसूल सकते हैं, जिस पर रोक लगाने के लिए जांच अभियान चलाया जाएगा।

वहीं परीक्षा केंद्रों के आसपास अवैध इंटरनेट कैफे और संदिग्ध गतिविधियों पर भी खुफिया नजर रखी जा रही है। हर केंद्र पर पुलिस बल और दंडाधिकारी की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन का संदेश साफ है परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नकल माफिया या शरारती तत्व अगर किसी भी तरह की साजिश रचते हैं तो उन्हें कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं होगा।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा