Bihar News : अतिक्रमण के शिकंजे में फंसी छड़ी नदी का अब होगा कायाकल्प, मॉडल कॉरिडोर बनवाने के प्रयास में जुटे विधायक सुभाष सिंह
Bihar News : गोपालगंज शहर की पहचान रही छड़ी नदी आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। हालाँकि अब विधायक सुभाष सिंह इसके कायाकल के लिए जुट गए हैं........पढ़िए आगे
GOPALGANJ : गोपालगंज शहर की पहचान रही छड़ी नदी आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। कभी गंडक नदी की सहायक धारा मानी जाने वाली यह नदी आज अतिक्रमण, गंदगी और कचरे के अंबार के कारण नाले में तब्दील हो चुकी है। नदी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे बरसात के दिनों में जलनिकासी प्रभावित होती है और शहर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। अब इस बदहाल छड़ी नदी के कायाकल्प को लेकर सदर विधायक सुभाष सिंह ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि नदी के दोनों किनारों पर 12 से 15 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, अतिक्रमण हटाया जाएगा और पूरे क्षेत्र को मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
गंडक नदी से निकलने वाली छड़ी नदी गोपालगंज शहर के हजियापुर और अरार मोड़ से होकर सोनपुर की ओर बहते हुए पटना के पास गंगा नदी में मिलती है। कभी यह नदी शहर की जलनिकासी और पर्यावरण का अहम आधार मानी जाती थी, लेकिन वर्षों से लगातार हुए अतिक्रमण और कचरे के ढेर ने इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज हालात यह हैं कि नदी का बहाव लगभग बंद हो चुका है और यह नदी अब नाले का रूप ले चुकी है।
बरसात के मौसम में जब गंडक नदी का जलस्तर बढ़ता है, तब छड़ी नदी के अवरुद्ध होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसका खामियाजा शहरवासियों को जलजमाव और बाढ़ जैसी समस्या के रूप में भुगतना पड़ता है। नदी में जमा गंदा पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध ने आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी मुश्किल बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त नहीं कराया गया तो भविष्य में स्थिति और भयावह हो सकती है।
इस पूरे मामले पर सदर विधायक सुभाष सिंह ने कहा कि छड़ी नदी के पुनर्जीवन की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत नदी के दोनों किनारों पर 12 से 15 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाएगी, जिससे हजियापुर से चिड़ियाघर तक एक बेहतर संपर्क मार्ग तैयार होगा। इससे मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। विधायक ने बताया कि नदी किनारे के अतिक्रमण को हटाकर पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
विधायक ने यह भी बताया कि मिनी स्टेडियम और हेडफील्ड के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है और नगर निगम के पास इसका एस्टीमेट उपलब्ध है। जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो छड़ी नदी केवल जलनिकासी का माध्यम ही नहीं, बल्कि गोपालगंज शहर की नई पहचान भी बन सकती है।
नमो नारायण की रिपोर्ट