बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट,हर गाड़ी की हो रही कड़ी मिरर चेकिंग, अपराधियों में मचा हड़कंप

Bihar News:कुल 11 प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर पुलिस द्वारा विशेष मिरर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हर आने-जाने वाले वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है......

Bihar Border on High Alert Strict Vehicle Checks Spark Panic
बिहार बॉर्डर पर हाई अलर्ट- फोटो : reporter

Bihar News: पश्चिम बंगाल में  चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई हैं। बिहार का कटिहार जिला, जो बंगाल की सीमा से सटा हुआ है, अब किसी सामान्य जिला नहीं बल्कि संवेदनशील सुरक्षा जोन में तब्दील हो चुका है।

सूत्रों के अनुसार, कटिहार जिले के कुल 11 प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर पुलिस द्वारा विशेष मिरर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हर आने-जाने वाले वाहन की गहन तलाशी ली जा रही है, जैसे हर गाड़ी में कोई न कोई छिपा हुआ खेल हो। सीमा पूरी तरह सील है और पुलिस की पैनी नजर हर संदिग्ध मूवमेंट पर बनी हुई है।

चुनावी माहौल को देखते हुए बिहार पुलिस ने बंगाल से आने-जाने वाले वाहनों पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। खासकर उन रास्तों पर जहां पहले से ही नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिलती रही हैं, वहां पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस का साफ संदेश है ना कोई ढिलाई, ना कोई रहम।

हाल के दिनों में बॉर्डरिंग थानों द्वारा नशा के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ने कई अवैध नेटवर्क की नींव हिला दी है। बताया जा रहा है कि कुछ असामाजिक तत्व चुनावी माहौल का फायदा उठाकर सीमा पार से गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बंगाल चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने में बिहार पुलिस पूरी तरह सहयोग कर रही है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन को बख्शा नहीं जाएगा और हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि बॉर्डर पर बढ़ाई गई सख्ती से तस्करी और अवैध कारोबार करने वाले गिरोहों में खलबली मची हुई है। जो लोग पहले सीमाओं को आसान रास्ता समझते थे, अब वही रास्ता उनके लिए फंदा बनता जा रहा है। कुल मिलाकर कटिहार–बंगाल सीमा इस समय एक ऐसे सुरक्षा कवच में तब्दील है, जहां कानून का डंडा लगातार चल रहा है और अपराधियों की हर चाल पर डिजिटल निगरानी और जमीनी चौकसी दोनों का साया मंडरा रहा है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह