Bihar News: सांस्कृतिक अखाड़े में बिहार का जलवा, यूपी विधानसभा में गूंजी जीजिया की धुन, योगी आदित्यनाथ भी हुए कलाकारों के फैन

Bihar News: सांस्कृतिक महफिल उस वक्त एकदम गर्म हो गई, जब बिहार के कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा धाकड़ वार किया कि पूरा माहौल तालियों की गूंज से थर्रा उठा।....

Bihar s cultural splash Jijiya echoes in UP Assembly Yogi im
सांस्कृतिक अखाड़े में बिहार का जलवा- फोटो : reporter

Bihar News: उत्तर प्रदेश विधानसभा परिसर में गणतंत्र दिवस के मौके पर सजी सांस्कृतिक महफिल उस वक्त एकदम गर्म हो गई, जब बिहार के कलाकारों ने अपनी कला का ऐसा धाकड़ वार किया कि पूरा माहौल तालियों की गूंज से थर्रा उठा। यह कोई आम कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के मंच पर राज्यों की सांस्कृतिक ताकत का खुला मुकाबला था। और इस मुकाबले में बिहार के कलाकारों ने ऐसा खेल दिखाया कि बड़े-बड़े दिग्गज भी दाद देने पर मजबूर हो गए।

बिहार कला संस्कृति विभाग की ओर से 11 कलाकारों की एक टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया था। इस टीम ने यूपी विधानसभा परिसर में जीजिया लोक संगीत और नृत्य की ऐसी पेशकश की, मानो मंच पर सुरों का “सांस्कृतिक धमाका” हो गया हो। खास बात यह रही कि राहुल रजक के नेतृत्व में उतरी इस पूरी टीम के सभी कलाकार कटिहार जिले से थे। सीमित संसाधनों से निकलकर राष्ट्रीय मंच पर ऐसी प्रस्तुति देना, किसी “कला के एनकाउंटर” से कम नहीं माना जा रहा।

कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकार मौजूद थे, लेकिन बिहार की बारी आई तो माहौल का मिजाज ही बदल गया। ढोलक की थाप, लोकगीतों की धार और नृत्य की आंच ने दर्शकों को बांध लिया। इस शानदार प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कलाकारों की तारीफ किए बिना नहीं रह सके। योगी आदित्यनाथ ने न सिर्फ बिहार के कलाकारों के हुनर की खुले मंच से सराहना की, बल्कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में बिहार से आए लोगों का जिक्र करते हुए सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बताया।

योगी आदित्यनाथ की यह हौसला-अफजाई कलाकारों के लिए किसी “सम्मान की मुहर” से कम नहीं थी। मुख्यमंत्री से सीधे संवाद और प्रशंसा मिलने के बाद कटिहार के ये कलाकार फूले नहीं समा रहे थे। उनके चेहरों पर वही खुशी थी, जैसे किसी लंबे मुकदमे के बाद इंसाफ मिल गया हो।

सफल कार्यक्रम के बाद जब ये कलाकार अपने घर कटिहार लौटे, तो साथ में सिर्फ यादें नहीं, बल्कि बिहार की कला की जीत की कहानी भी लेकर आए। यह प्रस्तुति साबित कर गई कि अगर हुनर में दम हो, तो सीमाएं, सियासत और फासले सब बेअसर हो जाते हैं और मंच पर सिर्फ कला का राज चलता है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह