Bihar Startup India: कटिहार का मोदी ब्रांड मखाना, 10 करोड़ का कारोबार, अब 200 करोड़ का लक्ष्य

Bihar Startup India:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में पूर्णिया प्रमंडल के सुपर फूड मखाना की तारीफ किए जाने से सीमांचल के युवा उद्यमी गुल्फराज बेहद खुश हैं।

Bihar Startup India: कटिहार का मोदी ब्रांड मखाना, 10 करोड़ क
मोदी ब्रांड मखाना- फोटो : reporter

Bihar Startup India:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में पूर्णिया प्रमंडल के सुपर फूड मखाना की तारीफ किए जाने से सीमांचल के युवा उद्यमी गुल्फराज बेहद खुश हैं। बिहार के कटिहार जिले के सुदूर गांव से शुरू हुआ उनका मखाना कारोबार आज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच चुका है। कभी महज 60 से 70 हजार रुपये की लागत से शुरू की गई छोटी-सी प्रोसेसिंग यूनिट अब करीब 10 करोड़ रुपये सालाना कारोबार करने वाले उद्यम में तब्दील हो चुकी है। गुल्फराज ने आने वाले समय में अपने कारोबार को 200 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

कटिहार जिले के सेमापुर क्षेत्र के चरखी गांव के रहने वाले गुल्फराज ने वर्ष 2019 में दरभंगा से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने नौकरी की राह चुनने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप इंडिया अभियान से प्रभावित होकर उन्होंने मखाना प्रसंस्करण के कारोबार की शुरुआत की। सीमित पूंजी और बड़े सपने के साथ शुरू किए गए इस काम के पीछे स्थानीय उत्पाद को बेहतर पहचान दिलाने और उसे देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की सोच थी।

गुल्फराज ने अपने कारोबार को ‘मोदी’ ब्रांड मखाना के नाम से शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच बनाने पर ध्यान दिया। उनकी ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आज उनका कारोबार दुनिया के 10 देशों में सीधे और करीब 30 देशों में मर्चेंट के माध्यम से पहुंच रहा है। सालाना लगभग 10 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाले गुल्फराज अब उत्पादन और बाजार का दायरा बढ़ाकर इसे 200 करोड़ रुपये तक ले जाना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा मखाना की चर्चा किए जाने से गुल्फराज को उम्मीद है कि इस पारंपरिक उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलेगी। बिहार के मिथिलांचल और सीमांचल में मखाना की खेती तथा प्रसंस्करण से जुड़े लोगों के लिए भी यह क्षेत्र रोजगार और कारोबार की नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।

गांव में रोजगार, दूसरे राज्यों में पलायन की मजबूरी कम

गुल्फराज के कारोबार का असर स्थानीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। चरखी गांव और आसपास के इलाके के कई लोगों को मखाना प्रसंस्करण इकाई में काम मिल रहा है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पहले गांव में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलते थे। रोजी-रोटी की तलाश में उन्हें दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब अपने ही इलाके में काम मिलने से उन्हें परिवार के साथ रहने और आजीविका चलाने में सहूलियत हो रही है।स्थानीय लोगों के लिए यह रोजगार आर्थिक सहारा बनने के साथ अपने गांव में काम करने का अवसर भी है। गुल्फराज का इरादा कारोबार का विस्तार करने के साथ मखाना को नई पहचान दिलाने का है। यदि उनकी विस्तार योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में प्रसंस्करण, पैकेजिंग, आपूर्ति और विपणन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के और अवसर पैदा हो सकते हैं।कटिहार के एक छोटे गांव से शुरू हुआ यह उद्यम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का दावा करता है। गुल्फराज की आगे की योजना मखाना कारोबार को बड़े स्तर पर स्थापित करने और बिहार के इस पारंपरिक उत्पाद को वैश्विक बाजार में मजबूत जगह दिलाने की है।

रिपोर्ट-  श्याम कुमार सिंह