कटिहार में बाढ़ के बाद नया संकट: जीआर राशि की सूची से वंचित पीड़ितों का फूटा गुस्सा, मनिहारी में आंदोलन की चेतावनी
कटिहार जिले में बाढ़ के बाद अब पीड़ितो के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की धीमी प्रक्रिया ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है। जिसके बाद अब लोग आंदोलन की मूड मे आ गए है....
Katihar : जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन इसके साथ ही प्रभावित लोगों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पानी के उतरने के बाद बीमारियों और तबाही के निशान के बीच लोगों के सामने जीवन को दोबारा पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की धीमी प्रक्रिया ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को और बढ़ा दिया है।
जीआर राशि की सूची में गड़बड़ी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी
इस समय बाढ़ पीड़ितों की सबसे बड़ी शिकायत सरकार द्वारा जारी की गई जीआर (ग्रेन रिलीफ़/जनरल रिलीफ़) राशि की लाभार्थी सूची को लेकर है। पीड़ितों का आरोप है कि जिन लोगों का घर और फसल बाढ़ में पूरी तरह बर्बाद हो गए, उनका नाम सूची से नदारद है। सूची निर्माण में पारदर्शिता की कमी और पात्र लोगों की उपेक्षा के कारण जन आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
मनिहारी अनुमंडल में सूची से वंचित पीड़ितों ने शुरू किया विरोध
बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित मनिहारी अनुमंडल में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। यहां बड़ी संख्या में वास्तविक पीड़ितों को सूची में जगह न मिलने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। अपनी आवाज़ शासन तक पहुंचाने के लिए स्थानीय लोगों ने अब एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाया है और प्रशासन से दोबारा सही ढंग से सर्वेक्षण कराकर वंचितों को जोड़ने की मांग की है।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने जताया सरकार पर भरोसा, कहा- पूरा पैसा मिल रहा है
मामले को तूल पकड़ता देख बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पहले बाढ़ राहत राशि में अनियमितता होती थी, लेकिन अब डीबीटी प्रणाली से पूरा पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुँच रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिनका नाम किन्हीं कारणों से छूट गया है, उन्हें भी सत्यापन के बाद जल्द से जल्द जीआर राशि का लाभ दिया जाएगा।
श्याम की रिपोर्ट