CDPO के आदेश पर सलाइन की बोतल हाथ में थामे ड्यूटी पर पहुँची बीमार सेविका
Bihar News : कटिहार जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जहां अधिकारी के आदेश पर एक महिला को बीमार होने के बावजूद कार्यस्थल पर हाजिर होना पड़ा। महिला हाथ में लगे स्लाइन के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र पर पहुंची...
Katihar : सरकारी और निजी क्षेत्रों में वर्कलोड का दबाव किस कदर हावी है, इसकी एक चौंकाने वाली तस्वीर कटिहार से सामने आई है। यहाँ एक आंगनबाड़ी सेविका को अपनी बीमारी साबित करने के लिए हाथ में सलाइन की बोतल लगे हुए ही निरीक्षण केंद्र पर पहुँचना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में महिला कर्मी प्रेमलता हेंब्रम की बेबसी साफ देखी जा सकती है, जहाँ उनके पति एक हाथ से पत्नी को सहारा दिए हुए हैं और दूसरे हाथ में सलाइन की बोतल पकड़े अधिकारी के सामने अपनी व्यथा सुना रहे हैं।
बीमारी में भी हाजिर होने का फरमान
पूरा मामला मनिहारी थाना क्षेत्र के नारायणपुर पंचायत (सोहा मध्य भाग, वार्ड संख्या 7) का है, जहाँ प्रेमलता हेंब्रम सेविका के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि अत्यधिक तबीयत खराब होने के कारण वह अवकाश पर थीं और घर में उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी वीणा भारती केंद्र का निरीक्षण करने पहुँचीं। सेविका को अनुपस्थित पाकर अधिकारी नाराज हो गईं और कथित तौर पर उन्हें तुरंत केंद्र पर हाजिर होने का सख्त आदेश दे दिया, जिससे मजबूर होकर सेविका को इस हालत में घर से निकलना पड़ा।
पति ने थामी सलाइन की बोतल, पत्नी ने दिया साक्ष्य
निरीक्षण केंद्र पर जब प्रेमलता इस हाल में पहुँचीं तो वहां मौजूद लोग दंग रह गए। उनके हाथ में ड्रिप लगी हुई थी और सुई चुभी हुई थी। प्रेमलता और उनके पति ने अधिकारी को बताया कि वे वाकई बीमार हैं और ड्यूटी से जानबूझकर गायब नहीं थीं। नौकरी बचाने के डर और अधिकारी की नाराजगी के दबाव में एक बीमार महिला को अस्पताल या बिस्तर पर होने के बजाय तपती धूप और बीमारी की हालत में केंद्र तक आना पड़ा, जो प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
इस घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बाल विकास परियोजना अधिकारी वीणा भारती ने महिला कर्मी के साथ संवेदनहीन व्यवहार किया और उन्हें 'मेंटल टॉर्चर' किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सेविका ने अपनी बीमारी की सूचना पहले ही दे दी थी, तो उन्हें इस तरह केंद्र पर बुलाना अमानवीय है। इस मामले में अब अधिकारी की कार्यप्रणाली की निंदा की जा रही है।
श्याम की रिपोर्ट