Bihar News : अंधविश्वास ने ली 14 वर्षीय छात्रा की जान, खगड़िया में सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक के फेर में फंसी किशोरी, अस्पताल पहुँचने से पहले हुई मौत
Bihar News : खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत डुमरिया बुजुर्ग गांव में अंधविश्वास के चक्कर में एक 14 वर्षीय छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान अनूप कुमार की पुत्री आरुषि कुमारी के रूप में की गई है।
KHAGARIA : जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत डुमरिया बुजुर्ग गांव में अंधविश्वास के कारण एक 14 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। मृतका की पहचान अनूप कुमार की पुत्री आरुषि कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह आरुषि घर में अलमारी पर रखा आईना उठाने गई थी। इसी दौरान वहां छिपे सांप ने उसकी उंगली पर काट लिया। शुरुआत में आरुषि को लगा कि उसकी उंगली किसी नुकीली चीज से कट गई है, इसलिए उसने इस पर ध्यान नहीं दिया और रोज की तरह कोचिंग पढ़ने चली गई।
करीब एक घंटे बाद जब वह घर लौटी तो उसे चक्कर आने लगे और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। तब परिजनों को आशंका हुई कि उसे सांप ने काटा है। इसके बावजूद उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए एक मंदिर ले जाया गया, जहां करीब ढाई घंटे तक रखा गया।
इस दौरान आरुषि की हालत लगातार बिगड़ती गई और मंदिर परिसर में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे परबत्ता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया है।
यह घटना एक बार फिर अंधविश्वास पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या तांत्रिक उपचार के बजाय मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए। समय पर एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और उचित चिकित्सा मिलने पर कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है। ऐसे में जागरूकता की कमी और अंधविश्वास कई बार जानलेवा साबित हो जाते हैं।
अमित की रिपोर्ट