Bihar Crime : खगड़िया साइबर सेल ने ठगों के मंसूबे पर फेरा पानी, तकनीकी मदद से पीड़ित के खाते में वापस कराया एक लाख रूपये
Bihar Crime : खगड़िया में साइबर सेल की तत्परता से कारोबारी के एक लाख रूपये बच गए. पुलिस ने तकनिकी मदद से उनके रूपये वापस करा दिए......पढ़िए आगे
KHAGARIA : डिजिटल अपराधों के दौर में खगड़िया जिले की साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की त्वरित तकनीकी कार्रवाई और बैंक के साथ बेहतर समन्वय की बदौलत साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी रकम सुरक्षित बचा ली गई। शातिर ठगों ने पीड़ित के खाते से लगभग एक लाख रुपये उड़ा लिए थे, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद वापस उसके खाते में क्रेडिट करा दिया है।
ठगी का यह मामला अलौली थाना क्षेत्र के संझौती गांव का है, जहां नागेश्वर साह (पिता– स्व. सुखदेव साह) साइबर अपराधियों के बिछाए जाल में फंस गए थे। ठगों ने विभिन्न प्रलोभनों और तकनीकी झांसे के जरिए उनके बैंक खाते से कुल ₹99,998 की निकासी कर ली थी। अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई अचानक गायब हो जाने से पीड़ित नागेश्वर साह गहरे सदमे और मानसिक तनाव में थे।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने बिना समय गंवाए खगड़िया साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कांड संख्या 11/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की और एक विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल के विशेषज्ञों ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए उन खातों को ट्रैक किया जहां पैसा ट्रांसफर हुआ था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित बैंक के सहयोग से उन खातों को तुरंत 'फ्रीज' करा दिया, जिससे ठग पैसे निकाल नहीं सके।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, फ्रीज की गई पूरी राशि यानी ₹99,998 सुरक्षित रूप से नागेश्वर साह के खाते में वापस भेज दी गई। अपनी डूबी हुई रकम वापस पाकर नागेश्वर साह के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने खगड़िया पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की इस तत्परता ने उन्हें एक बड़े आर्थिक संकट से बचा लिया है। इलाके में पुलिस की इस सफलता की जमकर चर्चा हो रही है।
इस कामयाबी के बाद साइबर थाना पुलिस ने आम लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी और अपील जारी की है। पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर शुरुआती समय यानी 'गोल्डन ऑवर' सबसे महत्वपूर्ण होता है। ठगी होते ही तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी पुलिस को सूचना मिलेगी, पैसे सुरक्षित होने की संभावना उतनी ही अधिक रहेगी।
अमित की रिपोर्ट