शिलान्यास के बाद हटा अस्पताल! परबत्ता में ₹29 करोड़ के क्रिटिकल केयर अस्पताल को हटाने पर गरमाई सियासत, पूर्व विधायक ने लगाया 'वसूली' का आरोप

शिलान्यास के बाद हटा अस्पताल! परबत्ता में ₹29 करोड़ के क्रिट

KHAGARIA : परबत्ता विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने वर्तमान विधायक बाबू लाल शौर्य पर आरोप लगाते हुए कहा है कि परबत्ता प्रखंड के नयागांव में प्रस्तावित 29 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल योजना को जबरन यहां से हटवाया जाना, परबत्ता प्रखंड की जनता के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ और एक सुनियोजित जनविरोधी साजिश है। डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि इस अस्पताल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास उनके कार्यकाल में विधिवत रूप से किया गया था, टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के कारण ही कार्य आरंभ होने में देरी हुई थी। इसके बावजूद सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक द्वेष और निजी स्वार्थ के चलते इस जीवनरक्षक परियोजना को परबत्ता नयागांव से हटवा दिया गया, जो अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि यह अस्पताल कोई साधारण भवन नहीं, बल्कि परबत्ता प्रखंड के लगभग 2.5 लाख (ढाई लाख) से अधिक लोगों के जीवन की सुरक्षा का मजबूत आधार था। इस क्रिटिकल केयर सेंटर में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता, आधुनिक इमरजेंसी वार्ड, वेंटिलेटर सुविधा, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सड़क दुर्घटना जैसे गंभीर मामलों में त्वरित इलाज की व्यवस्था प्रस्तावित थी। यह योजना विशेष रूप से गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होने वाली थी। डॉ. संजीव कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “वर्तमान विधायक बाबू लाल शौर्य ने जनता के हितों को ताक पर रखकर , निजी वसूली और बदले की भावना को प्राथमिकता दी है। अगर उन्हें परबत्ता की जनता की जरा भी चिंता होती, तो इस अस्पताल को और बेहतर बनाने का प्रयास करते, न कि इसे ही यहां से हटवा देते।”

उन्होंने कहा कि परबत्ता प्रखंड पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अत्यंत पिछड़ा हुआ क्षेत्र है। गंगा किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोग आज भी समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते और रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। “मैंने दिन-रात मेहनत कर यह अस्पताल परबत्ता के लिए स्वीकृत कराया था, लेकिन राजनीतिक द्वेष के कारण इसे हटा दिया गया। यह साफ साबित करता है कि वर्तमान विधायक को न जनता की सेहत से मतलब है और न ही उनके जीवन से।”डॉ. संजीव कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक का पूरा ध्यान विकास नहीं, बल्कि अवैध वसूली पर है। “ट्रैक्टर से मिट्टी ढुलाई करने वालों से 40 रुपये प्रति ट्रैक्टर की वसूली की जाती है। जो पैसा नहीं देता, उसे पकड़वाया जाता है, फाइन करवाया जाता है। यह खुलेआम लूट और दमन का खेल है।”

पूर्व विधायक ने आगे कहा कि “मैंने अपने कार्यकाल में गोगरी में 100 बेड का अनुमंडलीय अस्पताल बनवाया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार काम किया। आज जो भी स्वास्थ्य से जुड़ा काम चल रहा है, मेरे द्वारा अनुशंसित योजना को भी काम जबरन पैसे की मांग के लिए रुकवाया जा रहा है। यह विकास नहीं, विनाश की राजनीति है।” डॉ. संजीव कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे परबत्ता की जनता के साथ किए गए अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। “मैं जनता से किया गया हर वादा निभाने के लिए संघर्ष करता रहा हूँ आगे भी करूंगा। इस मुद्दे पर राजीव कुमार एमएलसी ने विधान परिषद में ध्यानाकर्षण के ज़रिए आवाज़ उठाई और इसे रोकने की कोशिश की, मगर सरकार ने बेतुके बहाने बनाकर इसे परबत्ता से हटा दिया।