Bihar Politics: शेरशाहवादी समाज पर टिप्पणी से सीमांचल की सियासत गरम, नीतीश कुमार को पत्र, विधायक पर सख्त कार्रवाई की मांग से बढ़ा विवाद

Bihar Politics: विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में शेरशाहवादी समुदाय से जुड़े कुछ शिक्षकों को बीएलओ (BLO) के कार्य से हटाने की मांग की गई है। ...

JDU MLA Remark on Sher Shahwadi Community Sparks Row in Biha
विधायक पर सख्त कार्रवाई की मांग - फोटो : reporter

Bihar Politics:  किशनगंज जिले की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब जदयू के ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल द्वारा शेरशाहवादी समाज को लेकर कथित टिप्पणी का मामला सामने आया। इस बयान और एक पत्र के बाद सीमांचल क्षेत्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, विधायक द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में शेरशाहवादी समुदाय से जुड़े कुछ शिक्षकों को बीएलओ (BLO) के कार्य से हटाने की मांग की गई है। पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग कथित रूप से बांग्लादेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी संदर्भ में समुदाय को “बांग्लादेशी” कहे जाने के आरोप ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार और जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर संबंधित विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

तौकीर आलम ने कहा कि किसी भी समुदाय को इस तरह संबोधित करना सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने चुनाव आयोग और मतदाता सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस तरह के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं तो इसकी पारदर्शी जांच और स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

इस पूरे विवाद के बाद सीमांचल क्षेत्र में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है और विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं समाज के बुद्धिजीवियों ने बैठक कर आगे की रणनीति तय करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह