UPSC Success Story: बिहार की बेटी ने आंसुओं से लिखी कामयाबी की दास्तां, पिता की अर्थी के गम के बीच पुत्री ने रचा इतिहास, UPSC में पाई कामयाबी

UPSC Success Story: जूही ने वह कर दिखाया है,जिसे सुनकर आज उनके स्वर्गीय पिता की रूह भी फख्र से भर उठी होगी। किस्मत ने उनके इम्तिहान की घड़ी कुछ इस तरह तय की कि...

Success Written in Tears Daughter Cracks UPSC Amid Father Fu
बिहार की बेटी ने आंसुओं से लिखी कामयाबी की दास्तां- फोटो : X

UPSC Success Story: देश की सबसे मुश्किल और धैर्य की परीक्षा मानी जाने वाली यूपूएससी 2025 का नतीजा सामने आते ही कई कहानियां लोगों के दिलों को छू रही हैं। लेकिन किशनगंज जिले की बेटी जूही की कहानी ऐसी है, जिसे सुनकर आंखें नम हो जाती हैं और दिल गर्व से भर उठता है।

खगड़ा प्रेमपुल इलाके की रहने वाली जूही ने वह कर दिखाया है, जिसे सुनकर आज उनके स्वर्गीय पिता की रूह भी फख्र से भर उठी होगी। किस्मत ने उनके इम्तिहान की घड़ी कुछ इस तरह तय की कि 24 फरवरी को उनका UPSC इंटरव्यू था, लेकिन उससे महज़ दस दिन पहले 13 फरवरी को बीमारी की वजह से उनके पिता इस दुनिया को अलविदा कह गए। घर में मातम का सन्नाटा था, हर तरफ ग़म का माहौल और टूटे हुए अरमानों की खामोशी पसरी हुई थी।

लेकिन कहते हैं कि जब इरादे मजबूत हों तो हालात भी घुटने टेक देते हैं। जूही ने अपने दिल के दर्द को अपनी हिम्मत बना लिया। आंखों में आंसू थे, मगर दिल में पिता का सपना ज़िंदा था। उन्होंने तय कर लिया कि यह कामयाबी ही उनके पिता के लिए सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।

24 फरवरी को जब वह इंटरव्यू पैनल के सामने बैठीं, तो उनके दिल में बस एक ही ख्याल था “पापा का सपना अधूरा नहीं रहने दूंगी।” उसी जज़्बे और यकीन के साथ उन्होंने इंटरव्यू दिया और आखिरकार फाइनल मेरिट लिस्ट में 649वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया।

जूही की इस कामयाबी की एक और खास बात यह है कि उन्होंने इस कठिन सफर में किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने सेल्फ स्टडी और अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। हालांकि तैयारी के दौरान कभी-कभी ऑनलाइन नोट्स जरूर मंगवाती थीं। यह उनका चौथा प्रयास था। दूसरे और तीसरे प्रयास में भी वह इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन किस्मत ने तब साथ नहीं दिया। मगर उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार मंज़िल पा ली।

पढ़ाई में जूही शुरू से ही अव्वल रही हैं। 2015 में उन्होंने 9.4 CGPA के साथ मैट्रिक पास किया, फिर 2017 में विशाखापतनम के चैतन्य कॉलेज से 92% अंक के साथ इंटरमीडिएट किया। इसके बाद उन्होंने कोलकता से B.Tech की पढ़ाई पूरी की।

आज जूही की कहानी सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हिम्मत, सब्र और एक बेटी के अपने पिता के लिए निभाए गए वादे की मिसाल बन गई है।