एक ट्रक मालिक की डीएम से वो गुहार, जिसने सिस्टम में मचाई खलबली! परिवहन विभाग की वो 'जादुई' कार्रवाई, जो अब गले की फांस बनेगी
परिवहन विभाग के अधिकारी पर पद के दुरुपयोग और अवैध वसूली का संगीन आरोप लगा है। एक ट्रक मालिक ने ईएसआई आजाद कुमार पर साठ-गांठ कर अंडरलोड गाड़ी का फर्जी चालान काटने और रिश्वत मांगने की शिकायत जिला पदाधिकारी से की है।
Madhepura - मधेपुरा जिले के मुरलीगंज निवासी ट्रक मालिक रजनीश कुमार ने जिला पदाधिकारी को एक आवेदन सौंपकर प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ESI-5) आजाद कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को चौसा थाना क्षेत्र के लौआलगान में उनकी गाड़ी (BR01GQ1786) को ईएसआई द्वारा रोका गया। आरोप है कि सभी वैध दस्तावेज (माइनिंग चालान और GST बिल) होने के बावजूद ड्राइवर से 20 हजार रुपये की अवैध मांग की गई और मना करने पर जबरन जुर्माना ठोक दिया गया।
साठ-गांठ कर अंडरलोड गाड़ी को ओवरलोड दिखाने का खेल
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि ईएसआई ने धर्मकाँटा मालिक के साथ साठ-गांठ कर गाड़ी के वजन में हेराफेरी की। ड्राइवर का दावा है कि गाड़ी बिल्कुल अंडरलोड थी, लेकिन 'जय बजरंगबली धर्मकाँटा' पर मिलीभगत के जरिए वजन बढ़ाकर दिखाया गया। पत्र के अनुसार, महज 100 किलोग्राम ओवरलोड दिखाकर 41,500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया गया। ट्रक मालिक ने साक्ष्य के रूप में 'विकास धर्मकाँटा' की रसीद भी प्रस्तुत की है, जिसमें गाड़ी का वजन अंडरलोड (50,910 Kg) दिखाया गया है, जबकि ईएसआई द्वारा कराए गए वजन में इसे 51,550 Kg बताया गया था।
िकॉर्डिंग साक्ष्य और अवैध 'एंट्री नेटवर्क' का दावा
ट्रक मालिक का कहना है कि उनके पास इस पूरी घटना और पैसे की मांग के ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग साक्ष्य मौजूद हैं। पत्र में यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया गया है कि जिले में परिवहन विभाग द्वारा अवैध 'एंट्री पासिंग' का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि संबंधित अधिकारी के मोबाइल का सीडीआर (CDR) और व्हाट्सएप जांचा जाए, तो जिले में चल रहे अवैध वसूली के सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
पुराने मामलों पर कार्रवाई न होने से बढ़ा दुस्साहस
यह पहली बार नहीं है जब विभाग पर ऐसे आरोप लगे हैं। रजनीश कुमार ने बताया कि इससे पूर्व 27 सितंबर 2025 को भी ईएसआई अनिश कुमार के खिलाफ अवैध वसूली की शिकायत की गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई के अभाव में अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं, जिससे स्थानीय ट्रक मालिक और व्यवसायी भय के माहौल में काम करने को मजबूर हैं। इस मामले की प्रतिलिपि परिवहन सचिव, परिवहन मंत्री और बिहार ट्रक ओनर एसोसिएशन, पटना को भी भेजी गई है।
निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार
ट्रक मालिक ने जिला पदाधिकारी से आग्रह किया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो सके। शिकायतकर्ता ने साक्ष्यों के तौर पर काँटा स्लिप और जीपीएस (GPS) रिकॉर्ड भी संलग्न किए हैं, जो उनकी गाड़ी के अंडरलोड होने की पुष्टि करते हैं। अब देखना यह है कि मधेपुरा प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या अवैध वसूली के इस कथित नेटवर्क पर नकेल कसी जाती है।