चंपारण में भारी उपद्रव! सांसद सुधाकर सिंह पर FIR, मुंशी-ड्राइवर को अधमरा कर लूटे ₹35000

पूर्वी चंपारण के पिपराकोठी में केंद्रीय वाटर पार्क योजना स्थल पर भारी बवाल। बक्सर सांसद सुधाकर सिंह और 65 उपद्रवियों पर जानलेवा हमले, लूटपाट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की FIR दर्ज।

fir against rjd mp sudhakar singh in pipra kothi water park
RJD सांसद सुधाकर सिंह समेत 57 लोगों पर FIR- फोटो : news 4 nation

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के पिपराकोठी थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल पूर्वी चंपारण के पिपरा कोठी में प्रस्तावित वाटर पार्क परियोजना को लेकर विवाद अब कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गहरा गया है।  निर्माण कार्य का विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में राजद सांसद समेत कुल 57 लोगों के खिलाफ पिपराकोठी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बन रहे वाटर पार्क निर्माण स्थल पर भारी उपद्रव, मारपीट और लूटपाट की घटना हुई है। इस मामले में निर्माण कार्य की देख-रेख करने वाले अशोक कुमार सिंह की शिकायत पर बक्सर के वर्तमान सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुबोध यादव और शाश्वत गौतम सहित करीब 60-65 अज्ञात व नामजद लोगों के खिलाफ पिपराकोठी थाने में प्राथमिकी (Case No. 361/26) दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


60-65 लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों से किया हमला, लगाए देशविरोधी नारे

शिकायतकर्ता अशोक कुमार सिंह के अनुसार, यह घटना 3 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे की है, जब वह अपने 25 मजदूरों और जेसीबी/ट्रैक्टर चालकों के साथ निर्माण स्थल पर काम करवा रहे थे। इसी बीच सांसद सुधाकर सिंह, सुबोध यादव और शाश्वत गौतम के नेतृत्व में 60 से 65 लोगों की उग्र भीड़ हाथों में डंडा, फट्टा और गोजी लेकर वहां पहुंची। आरोप है कि यह भीड़ भारत सरकार और पर्यटन विभाग के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक नारेबाजी कर रही थी। भीड़ ने अचानक बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए वहां काम कर रहे लोगों को घेर लिया और आतंक का माहौल पैदा कर दिया।


मुंशी और चालकों को अधमरा होने तक पीटा, जमीन में गाड़ने की दी धमकी

घटना के दौरान उग्र भीड़ ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि नेताओं के उकसाने पर भीड़ मुंशी (शिकायतकर्ता), जेसीबी चालक सोनू कुमार और खलासी मुन्ना कुमार पर टूट पड़ी। मुंशी अशोक कुमार सिंह को सर, पेट, पीठ और सीने पर अंदरूनी चोटें (भीतरघात) मारते हुए अधमरा कर दिया गया, जिससे उनके नाक-कान और पेशाब के रास्ते से खून बहने लगा। आरोपियों ने कथित तौर पर यह नारा भी लगाया कि "इस साले मुंशी, ड्राइवर और खलासी की हत्या कर इसी जमीन में गाड़ दो।" इसके बाद चालकों को भी जेसीबी से खींचकर जमीन पर पटका गया और बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा गया।


लाखों की सरकारी सामग्री बर्बाद, नगदी और मोबाइल की बड़ी लूट

मारपीट के बाद उपद्रवियों ने निर्माण स्थल पर जमकर तांडव मचाया और भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। उपद्रवियों ने वहां खड़ी मिक्सचर मशीन और ट्रैक्टर को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया, साथ ही माचिस से आग लगाने का भी प्रयास किया। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले लाखों रुपये के औजार जैसे कुदाल, बेलचा, पंजा, सैकड़ों फीट पाइप के बंडल, तिरपाल और ईंटों को पूरी तरह तोड़कर बर्बाद कर दिया गया। इसके अलावा, पीड़ित मुंशी की जेब से ₹35,000 नगद और मुंशी सहित चालकों के मोबाइल फोन भी जबरन छीन लिए गए।


जख्मी अस्पताल में भर्ती; रवींद्र सहनी, शमशाद आलम सहित 24 नामजद

इस जानलेवा हमले के बाद सभी गंभीर रूप से घायल कर्मियों को इलाज के लिए तुरंत 'हर्ष अस्पताल' में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में होश आने और स्थानीय लोगों द्वारा दिखाए गए वीडियो के आधार पर, पुलिस ने कुल 24 उपद्रवियों को नामजद किया है, जिनमें मुख्य रूप से रवींद्र सहनी, शमशाद आलम, नेशार अहमद, शेख करमुला, पिंटू कुमार, रसुल आलम, शेख नौशाद आदि शामिल हैं। वही जबकि 30 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।  पिपराकोठी थाना पुलिस ने मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए एसआई शशि भूषण कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।